गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वेव सिटी क्षेत्र से एक महिला ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, बाद में शादी से इनकार करने और मानसिक रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद वह पहले से ही आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रही थी। इसी मजबूरी का कथित तौर पर फायदा उठाकर एक व्यक्ति ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और भरोसा दिलाकर अपने साथ रखा। महिला का आरोप है कि करीब डेढ़ साल तक संबंध रखने के बाद जब उसने इस रिश्ते को शादी का नाम देने की बात कही तो आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। अब स्थिति यह है कि महिला के रहने वाले कमरे पर ताला लगा दिया गया है और वह अपने सामान को लेकर भी परेशान है।
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, उसके पति की मृत्यु 1 जुलाई 2025 को हो गई थी। पति एक कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। पति की मौत के बाद महिला को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के साथ-साथ बीमा पॉलिसी और अन्य आर्थिक सहायता से संबंधित काम कराने थे। इसी सिलसिले में उसकी मुलाकात मांगेराम नामक व्यक्ति से हुई, जो कथित तौर पर प्रमाण पत्र बनवाने और अन्य दस्तावेजी काम कराने का कार्य करता था। महिला का आरोप है कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में मदद करने के बहाने मांगेराम उसे वेव सिटी स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट में लेकर गया। वहां उसने महिला को अपने कमरे पर बुलाया और उसे पैसों का लालच दिया, लेकिन महिला ने उसकी बात स्वीकार नहीं की।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद भी मांगेराम लगातार उससे संपर्क करता रहा और उसे भरोसा दिलाता रहा। शिकायत में 26 सितंबर 2025 की घटना का भी उल्लेख किया गया है। महिला के मुताबिक, आरोपी उसे दोबारा वेव सिटी स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट पर लेकर गया और उसे खुश रखने तथा साथ रखने का भरोसा दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि यह सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चलता रहा, लेकिन जब उसने इस रिश्ते को सामाजिक और कानूनी रूप से पहचान देने के लिए शादी की बात कही तो आरोपी ने इनकार कर दिया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि मांगेराम ने उसे अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी। पीड़िता का कहना है कि उसे पहले से यह नहीं बताया गया कि आरोपी की शादी हो चुकी है। जब उसने अपने भविष्य और रिश्ते को लेकर सवाल उठाए तो परिस्थितियां बदलने लगीं। महिला के अनुसार, अब उसे किराएदारों को परेशान करने वाली बताकर उस पर तरह-तरह के आरोप और वहां के मौजूद किरायेदारों द्वारा उसके साथ मारपीट भी की गई और कमरे खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पीड़िता ने शपथपत्र यानी एफिडेविट पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसकी सहमति के बिना उससे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनका इस्तेमाल अब उसके खिलाफ किया जा रहा है। महिला का आरोप है कि आरोपी मुंशी का काम करता है इन परिस्थितियों के चलते महिला खुद को असहाय महसूस कर रही है।
पीड़िता की परेशानी केवल इस कथित संबंध और शादी से इनकार तक सीमित नहीं है। उसका कहना है कि पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली बीमा पॉलिसी की रकम और अन्य आर्थिक लाभ भी उसे अब तक नहीं मिल पाए हैं। पति की मृत्यु के बाद वह आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद कर रही थी, लेकिन दस्तावेजी काम और अन्य परेशानियों के बीच उसकी स्थिति लगातार कठिन होती चली गई। महिला का कहना है कि जिस व्यक्ति से उसने मदद की उम्मीद की थी, उसी के खिलाफ अब उसे पुलिस और प्रशासन से शिकायत करनी पड़ रही है।
इस मामले में पीड़िता ने 12 अक्टूबर 2026 को थाना वेव सिटी, गाजियाबाद में शिकायत दी थी। उपलब्ध एफआईआर के प्रथम सूचना विवरण में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किए जाने संबंधी आरोप का उल्लेख है। पुलिस रिकॉर्ड में मामले की जांच उपनिरीक्षक विक्रांत को सौंपे जाने की जानकारी भी दर्ज है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।
पीड़िता का कहना है कि फिलहाल उसके कमरे पर ताला लगा हुआ है और वह अपना जरूरी सामान भी प्राप्त नहीं कर पा रही है। वह चाहती है कि प्रशासन और पुलिस हस्तक्षेप कर कमरे का ताला खुलवाने में मदद करें, ताकि उसे उसका सामान सुरक्षित वापस मिल सके। साथ ही, कथित रूप से हुए आर्थिक और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
महिला ने पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, एफिडेविट पर कथित जबरन हस्ताक्षर कराने और शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोपों की गंभीरता से जांच हो तथा उसे सुरक्षा और न्याय दिलाया जाए। पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक और आर्थिक परेशानी झेल रही है और अब उसे कहीं भी उचित सुनवाई नहीं मिल रही है। वह चाहती है कि समय रहते उसकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई हो, कमरे का ताला खुलवाकर उसका सामान दिलाया जाए और उसे न्याय मिले।


