बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के थाना अतरौली क्षेत्र के श्री दत्तगंज धौरारी गांव में जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। कुलदीप का आरोप है कि जमीन के विवाद में उनके परिवार के साथ पहले भी मारपीट की गई थी और अब 29 अक्टूबर 2026 को संजय पत्नी मीरा ने 10 से 12 गुंडो के द्वारा हमला किया गया। इस बार उनकी मां निवार देवी को निशाना बनाए जाने का आरोप है। परिवार का कहना है कि करीब तीन-चार महीने पहले भी उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हो सका और अब दोबारा ऐसी घटना सामने आई है।
कुलदीप के मुताबिक, इस विवाद में उनके चाचा संजय और चाची मीरा वर्मा की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया गया है कि संजय और उनकी पत्नी मीरा वर्मा ग्राम दत्तागंज, सिरोड़ी के निवासी हैं। कुलदीप का आरोप है कि ये लोग उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और इसी बात को लेकर परिवार के साथ विवाद तथा मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मामले में थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक राहत या न्याय नहीं मिल पाया है।
परिवार ने जमीन विवाद को लेकर एक और गंभीर आरोप लगाया है। कुलदीप का कहना है कि उनकी बुजुर्ग दादी ममता देवी को बहला-फुसलाकर अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है। परिवार के अनुसार, दादी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उनकी इसी स्थिति का फायदा उठाकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि जमीन से जुड़े मामले में अपने पक्ष में निर्णय कराया जा सके। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार चाहता है कि प्रशासन इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच कराए और बुजुर्ग महिला की स्थिति तथा उनकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए।
कुलदीप और उनके परिवार का कहना है कि लगातार विवाद, मारपीट के आरोप और जमीन पर कब्जे की आशंका के कारण वे बेहद परेशान हैं। परिवार को डर है कि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उन्हें न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मारपीट के आरोपों पर उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा जमीन से जुड़े विवाद का नियमानुसार समाधान कराने की मांग की है। परिवार की अपील है कि बुजुर्ग दादी पर किसी तरह का अनुचित दबाव न बनाया जाए और उनकी स्थिति को देखते हुए निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। परिवार चाहता है कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करे, ताकि उन्हें सुरक्षा मिल सके और लंबे समय से चल रहे विवाद में न्याय मिल पाए।


