ओडिशा के बालेश्वर में एक दूल्हा बाढ़ के बावजूद नाव पर सवार होकर शादी करने के लिए पहुंचा। ये मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
बालेश्वर: बाढ़ के पानी से घिरे ओडिशा के बालेश्वर जिले के भोगराई इलाके में शादी का एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। आमतौर पर शादी के दिन दूल्हा गाड़ी या घोड़ी पर सवार होकर बारात के साथ विवाह स्थल तक पहुंचता है, लेकिन यहां बाढ़ की वजह से रास्ते पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। ऐसे में दूल्हे ने भी अपनी शादी का उत्साह कम नहीं होने दिया और नाव में बैठकर विवाह के लिए रवाना हो गया।
बाढ़ के दौरान भी पारंपरिक परिधान में नजर आया दूल्हा
वीडियो में दूल्हा हेमंत पात्र पूरी तरह से दूल्हे के पारंपरिक परिधान में नजर आ रहा है। वह शादी के लिए पूरी तरह तैयार होकर नाव में बैठा हुआ है। चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। आसपास बाढ़ का पानी फैला हुआ है और सामान्य रास्तों की जगह नाव ही आने-जाने का सहारा बनी हुई है।
दूल्हा नाव में बैठकर बाढ़ के पानी को पार करते हुए अपनी शादी के लिए आगे बढ़ रहा है। नाव धीरे-धीरे पानी के बीच आगे बढ़ती दिखाई देती है। इस दौरान दूल्हे के चेहरे पर शादी की खुशी नजर आती है। मुश्किल हालात के बावजूद उसके उत्साह में कोई कमी दिखाई नहीं देती।
वीडियो में देखा जा सकता है कि चारों तरफ पानी ही पानी है। जहां सामान्य दिनों में सड़क और रास्ते दिखाई देते हैं, वहां अब बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इसी पानी के बीच दूल्हा नाव से अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। शादी के कपड़ों में सजा दूल्हा नाव पर बैठकर नदी और बाढ़ के पानी को पार करता हुआ दिखाई देता है।
दूल्हे की खुशी लोगों को दे रही प्रेरणा
इस पूरे दृश्य में सबसे खास बात दूल्हे की खुशी है। बाढ़ ने रास्तों को जरूर रोक दिया, लेकिन शादी का उत्साह नहीं रोक पाया। दूल्हा पूरी तरह तैयार होकर नाव में बैठा है और अपनी जिंदगी के नए सफर की शुरुआत के लिए आगे बढ़ रहा है।
भोगराई में सुवर्णरेखा नदी की बाढ़ के बीच दूल्हे का नाव से शादी के लिए जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में दिखाई दे रहा यह दृश्य बताता है कि मुश्किल परिस्थितियों के बीच भी परिवार और दूल्हे ने शादी की खुशी को बनाए रखा।
नाव में बैठा दूल्हा जब बाढ़ के पानी को पार कर रहा है, तो उसके चेहरे पर आने वाली नई जिंदगी की खुशी साफ नजर आती है। यह दृश्य शादी के उत्साह, उम्मीद और खुशी से भरा हुआ दिखाई देता है।
पहले भी ओडिशा में बाढ़ के बीच अनोखी बारात निकली थी और दुल्हन के घर नाव से दूल्हा पहुंचा था।


