अलीगढ़। शहर के महुआ खेड़ा क्षेत्र में गांधी पार्क थाने के पास नाले की खुदाई के बाद उसे अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय दुकानदार और राहगीरों के सामने दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। प्रेमनगर, गांधी पार्क थाने के सामने जीटी रोड क्षेत्र की रहने वाली मालती अग्रवाल का कहना है कि उनकी दुकान के सामने करीब 18 दिनों से नाला खुदा पड़ा है। नाले के अंदर से सरिया बाहर निकली हुई है, जिससे कभी भी कोई व्यक्ति गिरकर घायल हो सकता है।
मालती अग्रवाल के अनुसार, नाले की खुदाई होने के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसे पूरी तरह से बनाया नहीं गया है। उनका कहना है कि दुकान के सामने नाला खुला होने के कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह स्थान जोखिम भरा बना हुआ है। खासकर रात के समय खुले नाले और बाहर निकली सरिया दिखाई न देने पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
मालती का कहना है कि करीब तीन दिन पहले नाले के कुछ हिस्से में थोड़ा काम कराया गया था, लेकिन इसके बाद दोबारा काम रोक दिया गया। अब उनसे कहा जा रहा है कि पहले बगल वाले हिस्से का नाला बनाया जाएगा और उसके बाद उनकी दुकान के सामने का नाला तैयार किया जाएगा। स्थानीय महिला का सवाल है कि जब निर्माण कार्य शुरू किया गया था तो उसे पूरा किए बिना इस तरह खुला क्यों छोड़ दिया गया।
सबसे बड़ी चिंता बाहर निकली सरिया को लेकर बताई जा रही है। मालती अग्रवाल का कहना है कि यदि कोई बच्चा, बुजुर्ग, ग्राहक या राहगीर इस खुले हिस्से में गिरकर घायल हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी। उनका कहना है कि दुकान के सामने लगातार खुला नाला और खड़ी सरिया किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि सड़क और दुकानों के सामने निर्माण कार्य कराने के बाद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। यदि नाले का निर्माण किसी तकनीकी या अन्य कारण से तत्काल पूरा नहीं किया जा सकता तो कम से कम खुले हिस्से की बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि राहगीरों को खतरे से बचाया जा सके।
मालती अग्रवाल ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर खुले पड़े नाले की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि जब तक नाला पूरी तरह तैयार नहीं होता, तब तक बाहर निकली सरिया को सुरक्षित किया जाए और राहगीरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए।
फिलहाल स्थानीय महिला द्वारा बताए गए 18 दिनों से नाला खुदा होने और निर्माण अधूरा पड़े होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि यदि मौके पर वास्तव में खुला नाला और बाहर निकली सरिया मौजूद है तो यह राहगीरों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और दुकान के सामने अधूरे पड़े नाले को कब तक सुरक्षित तरीके से पूरा कराया जाता है।


