उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट और CJI से बिना शर्त माफी मांग ली है। अवमानना के मामले में संजय राउत ने कहा है कि उन्हें अपने बयान पर पछतावा है और उनके मन में न्यायपालिका के प्रति बहुत सम्मान है।
शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से अवमानना मामले में माफी मांग ली है। संजय राउत ने कहा है कि वो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) और सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगते है। संजय राउत ने कहा है कि वो स्वेच्छा से, बिना किसी दबाव या शर्त के माफी मांग रहे है। उन्हें अपने कमेंट पर पछतावा है।वे अपनी टिप्पणियों को किसी भी तरह सही ठहराने या उनका बचाव करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
न्यायपालिका के प्रति बहुत सम्मान है- संजय राउत
शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने अपने माफीनामे में कहा है कि उनके मन में सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका के प्रति बहुत सम्मान है। वे मानते हैं कि न्यायपालिका कानून का शासन बनाए रखने, संविधान के मूल्यों की रक्षा करने और नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्हें दुख है कि उनकी टिप्पणियों से यह कार्यवाही शुरू हुई।
टिप्पणी से हुई परेशानी का पछतावा- संजय राउत
संजय राउत ने कहा है कि उन्हें अपनी टिप्पणी से हुई परेशानी का पछतावा है। वे मानते हैं कि न्यायपालिका के बारे में सार्वजनिक रूप से बोलते समय बहुत सावधानी और जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। संजय राउत ने वायदा किया है कि वो भविष्य में न्यायपालिका के बारे में सार्वजनिक बयान देते समय अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और सोच-समझकर बोलेंगे। वे भविष्य में अधिक सावधानी और संयम बरतेंगे। संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उनकी बिना शर्त माफी स्वीकार की जाए, उनके विरुद्ध जारी नोटिस को समाप्त किया जाए और इस कार्यवाही को यहीं खत्म कर दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत को पेश होने को कहा था
आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सांसद संजय राउत को निर्देश दिया था कि वह भारत के चीफ जस्टिस और न्यायपालिका को लेकर की गई टिप्पणियों को लेकर जारी की गई अवमानना की कार्यवाही के सिलसिले में 17 नवंबर को अदालत के पास व्यक्तिगत तौर पर पेश हों। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद, राउत ने कहा कि वह इस मामले में दिए गए निर्देश के अनुसार शीर्ष अदालत में मौजूद रहेंगे।


