सादातवाड़ी में सड़क की दुर्दशा पर उठे सवाल, शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप
सादातवाड़ी, संभल। मुख्य चौराहे और जामा मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सड़क की बदहाली कोई नई समस्या नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 20 वर्षों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। बारिश होते ही सड़क पर जलभराव और गंदगी जमा होने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
स्थानीय निवासी शाहबाज खान, रामरहीश कुश्भा, नीरज कुश्भा, रोहताश कुश्भा, गुलशन और भूरे सैफी समेत अन्य लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। लोगों को गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
20 साल से नहीं बदली सड़क की तस्वीर
स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में सड़क की समस्या करीब दो दशक से बनी हुई है। आबादी बढ़ती गई, लेकिन सड़क और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
बारिश में सड़क या तालाब, समझना मुश्किल
बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। लंबे समय तक पानी और गंदगी जमा रहने से बदबू की समस्या भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां जलनिकासी की व्यवस्था कितनी कमजोर है। लोगों ने प्रशासन से मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देखने की मांग की है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
शाहबाज खान, रामरहीश कुश्भा, नीरज कुश्भा, रोहताश कुश्भा, गुलशन और भूरे सैफी समेत स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। लोगों की मांग है कि सड़क की मरम्मत के साथ नाली और जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बारिश के समय सफाई कराने या अस्थायी तौर पर मिट्टी डालने से समस्या खत्म नहीं होगी। सड़क और जलनिकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान जरूरी है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का सर्वे कराने, जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि करीब 20 साल पुरानी समस्या का अब स्थायी समाधान होना चाहिए।


