उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र के भैंसवाल गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद ने कथित तौर पर एक युवक की जान ले ली। मृतक के परिजनों का आरोप है कि परिवार के इकलौते बेटे जतिन की सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। वहीं परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही और शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
परिवार के मुताबिक, विवादित कृषि भूमि को लेकर काफी समय से तनाव चला आ रहा था। मृतक की मां श्रीमती नीरज पत्नी साहब सिंह ने पहले भी प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके मंदबुद्धि पुत्र जतिन से धोखाधड़ी कर विवादित जमीन का बैनामा करा लिया गया। उन्होंने इस मामले में उपजिलाधिकारी शामली के न्यायालय में भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि विपक्षी पक्ष ने खेत में खड़ी गन्ने की फसल नष्ट कर करीब एक लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया और लगातार परिवार को परेशान किया जा रहा था।
परिजनों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि स्थानीय पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय गोलमोल रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिससे विवाद और अधिक बढ़ता चला गया। परिवार का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते विवादित भूमि को अपने कब्जे में लेकर उचित कार्रवाई करता तो आज यह दुखद घटना नहीं होती।
मृतक की बहन खुशी ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को जतिन घर से यह कहकर निकला था कि वह खेत का पैसा लेने जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी हर जगह तलाश की, लेकिन तीन दिन तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। 24 जुलाई को परिवार को सूचना मिली कि जतिन की मौत हो चुकी है। यह खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
खुशी का कहना है कि जतिन परिवार का इकलौता बेटा था और पूरे घर की उम्मीद उसी पर टिकी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के विवाद को लेकर पहले से रंजिश रखने वाले लोगों ने ही उसे बुलाकर अपने साथ ले गए और बाद में उसकी हत्या कर दी। परिवार ने रामपाल, जगपाल, वीरेंद्र, रवि, सनी, हनी, सत्येंद्र तथा किरण पाल के बेटे सहित कई लोगों पर हत्या की साजिश रचने और वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि जिस दिन जतिन लापता हुआ, उस दिन वह आरोपितों के साथ देखा गया था।
मृतक की बहन ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार करीब दस बार पुलिस चौकी के चक्कर लगा चुका है, लेकिन उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार यह कह रही है कि जतिन ने अपनी मर्जी से आत्महत्या की है, जबकि परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। खुशी ने कहा कि उनके भाई की हत्या की गई है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
परिवार का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का समझौता नहीं चाहिए, बल्कि केवल निष्पक्ष जांच और न्याय चाहिए। उनका आरोप है कि यदि पहले की शिकायतों पर प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो आज उनका बेटा जीवित होता। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सभी आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।


