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पानीपत में तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवती का पैर फ्रैक्चर, इलाज के खर्च का वादा पूरा नहीं करने का आरोप; सगाई भी...

पानीपत, हरियाणा। पानीपत में सड़क हादसे में पैर टूटने से घायल हुई युवती आरती अब न्याय और इलाज के खर्च के लिए परेशान है।...
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पानीपत में तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवती का पैर फ्रैक्चर, इलाज के खर्च का वादा पूरा नहीं करने का आरोप; सगाई भी टूटी, परिवार ने मांगा न्याय

पानीपत, हरियाणा। पानीपत में सड़क हादसे में पैर टूटने से घायल हुई युवती आरती अब न्याय और इलाज के खर्च के लिए परेशान है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को सुबह करीब 8 बजे वह पैदल जा रही थी। इसी दौरान बबैल नाका, कच्चा आम रोड, बलजीत नगर के पास पीछे से आई कार ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में आरती के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ और शरीर पर अन्य चोटें भी आईं। उसे उपचार के लिए लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां वह 21 से 24 सितंबर तक दाखिल रही। पीड़िता का आरोप है कि हादसे के बाद इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही गई थी, लेकिन अब खर्च नहीं दिया जा रहा है। परिवार का कहना है कि हादसे के कारण आरती की होने वाली सगाई पर भी असर पड़ा और रिश्ता टूट गया। अब पीड़िता और उसके परिजन पुलिस से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पैदल जा रही युवती को कार ने मारी टक्कर आरती की ओर से दिए गए शिकायत पत्र के मुताबिक, वह 21 सितंबर की सुबह अपने घर से पैदल निकली थी। जब वह बबैल नाका, कच्चा आम रोड, बलजीत नगर के पास पहुंची, तभी आगे से आई कार कर चालक का नाम दक्ष बताया जा रहा है ने उसे टक्कर मार दी। शिकायत में कार का नंबर UP37Q0877 बताया गया है। पीड़िता का आरोप है कि वाहन तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया जा रहा था। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वह सड़क पर गिर गई और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। हादसे के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया।

चार दिन अस्पताल में भर्ती रही आरती, अब भी इलाज जारी शिकायत के अनुसार, आरती को 21 सितंबर से 24 सितंबर 2026 तक लोटस हॉस्पिटल में भर्ती रखा गया था। उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे आराम करने की सलाह दी। परिवार का कहना है कि पैर में फ्रैक्चर होने के कारण आरती को अभी भी परेशानी है और उसके आगे के इलाज, दवाइयों तथा फिजियोथेरेपी पर खर्च होने की आशंका है। इस हादसे ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। परिजनों का कहना है कि इलाज का खर्च उठाना उनके लिए चुनौती बन रहा है।

एक लाख रुपये देने और हस्तलिखित पर्चे पर हस्ताक्षर कराने का आरोप आरती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि हादसे के बाद कार चालक दक्ष और उसके पिता विजराम सिंह ने मामले को लेकर उसके भाई शुभम से संपर्क किया। पीड़िता का दावा है कि जब वह अस्पताल में भर्ती थी, तब उसके भाई से कथित तौर पर डराकर या गुमराह करके एक हस्तलिखित पर्चे पर हस्ताक्षर कराए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विजराम सिंह ने उसके भाई को एक लाख रुपये दिए, जबकि इस लेन-देन की जानकारी आरती को नहीं थी और न ही उसने स्वयं किसी समझौते के लिए सहमति दी थी।

पीड़िता का कहना है कि एक लाख रुपये की कथित राशि उसके आगे के इलाज और अन्य संभावित खर्चों के लिए पर्याप्त नहीं है। वह चाहती है कि पुलिस इस लेन-देन, हस्तलिखित पर्चे और उसकी सहमति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करे। हालांकि, भुगतान और समझौते की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं हुई है। इस संबंध में दूसरे पक्ष का बयान भी सामने आना बाकी है।

इलाज के खर्च को लेकर विवाद, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप आरती के परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद इलाज का खर्च उठाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब उनकी आर्थिक मदद नहीं की जा रही है। परिवार के मुताबिक, पैर में फ्रैक्चर होने के कारण आरती की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। परिजनों का यह भी कहना है कि हादसे के चलते उसकी होने वाली सगाई टूट गई, जिससे परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार चाहता है कि पीड़िता के इलाज और भविष्य में होने वाले खर्चों को ध्यान में रखते हुए मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

थाना चांदनीबाग में FIR दर्ज कराने की मांग आरती ने 28 सितंबर 2026 को थाना चांदनीबाग, पानीपत के थाना प्रबंधक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में चालक दक्ष पुत्र विजराम सिंह और वाहन मालिक विजराम सिंह के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने, गंभीर चोट पहुंचाने तथा कथित समझौते से जुड़े आरोपों की जांच करने का अनुरोध किया गया है। पीड़िता ने वाहन नंबर UP37Q0877 को जांच के लिए कब्जे में लेने और लोटस हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कार्ड तथा मेडिकल लीगल रिपोर्ट प्राप्त करने की मांग भी की है।

परिवार का कहना है कि उनकी शिकायत पर समय रहते सुनवाई होनी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि इस मामले में FIR दर्ज हुई है या पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है। इसलिए शिकायत की वर्तमान स्थिति और संबंधित पक्षों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच से ही हो सकेगी।

पुलिस जांच से न्याय की उम्मीद, परिवार ने लगाई गुहार आरती और उसके परिजन चाहते हैं कि सड़क हादसे की निष्पक्ष जांच हो, मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर चोटों की गंभीरता का आकलन किया जाए और कथित भुगतान व हस्तलिखित समझौते की परिस्थितियों की भी जांच की जाए। परिवार का कहना है कि हादसे के बाद शारीरिक परेशानी, इलाज के खर्च और सगाई टूटने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उनकी मांग है कि पुलिस शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करे, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।

फिलहाल, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। दुर्घटना की जिम्मेदारी, कथित समझौते की वैधता और इलाज के खर्च से जुड़े विवाद का फैसला उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।