365 दिन सड़क पर रहने वाले वाहन चालकों ने सरकार से लगाई गुहार, आगरा से राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तक सफर के दौरान परेशानी का दावा
भिवानी। वाहन चालकों की कथित परेशानियों और रास्ते में होने वाली अतिरिक्त वसूली के मुद्दे को लेकर हरियाणा के भिवानी जिले के केलंगा गांव, 130, भिवानी, हरियाणा, पिन कोड-127114 निवासी जसवीर कौशिक ने आवाज उठाई है। करीब 53 वर्षीय जसवीर कौशिक लंबे समय से ड्राइविंग का काम करते हैं। उनका कहना है कि ड्राइवर दिन-रात सड़क पर रहकर मेहनत करते हैं और इसी कमाई से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन लंबी दूरी के सफर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर चालान और अन्य खर्चों के नाम पर अतिरिक्त रकम देने की स्थिति सामने आती है।
जसवीर कौशिक के अनुसार वह आगरा से धौलपुर, राजस्थान, मध्यप्रदेश के मुरैना और आगे सागर सहित कई मार्गों पर छह चक्का वाहन चलाते हैं। उनका दावा है कि इन मार्गों पर वाहन चालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि छह चक्का वाहन पर कुछ स्थानों पर करीब 200 रुपये के चालान की बात सामने आती है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के सागर क्षेत्र तक पहुंचने के दौरान भी वाहन चालकों से कथित तौर पर अतिरिक्त पैसे लिए जाने का दावा किया गया है।
जसवीर का आरोप है कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सीमा के आसपास वाहनों के वजन या कांटा किए जाने के दौरान भी अलग-अलग राशि लिए जाने की बात सामने आती है। उनके मुताबिक छह चक्का वाहन से करीब 300 रुपये, 10 चक्का वाहन से करीब 500 रुपये और इससे अधिक एक्सल वाले वाहनों से करीब 800 से 1000 रुपये तक लिए जाने का दावा किया जा रहा है।
ड्राइवर का कहना है कि लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालक पहले ही डीजल, टोल, वाहन की मरम्मत और अन्य खर्चों का बोझ उठाते हैं। ऐसे में रास्ते में बार-बार अतिरिक्त रकम खर्च होने से उनकी कमाई प्रभावित होती है। जसवीर के मुताबिक कई बार ड्राइवरों को दिनभर वाहन चलाने के बाद भी अलग-अलग स्थानों पर पैसे खर्च करने पड़ते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से परेशान होते हैं।
जसवीर कौशिक ने सरकार और संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं नियमों के तहत चालान या कोई शुल्क लिया जा रहा है तो उसकी स्पष्ट जानकारी वाहन चालकों को दी जानी चाहिए। वहीं, यदि किसी स्थान पर नियमों के विपरीत वसूली की जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक ड्राइवर तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबी दूरी तक वाहन चलाने वाले अन्य चालकों को भी ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मार्गों तथा चेकिंग प्वाइंटों की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है, ताकि वाहन चालकों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।


