बरसाना। आदर्श नगर पंचायत बरसाना के ऊंचा गांव में रास्ते की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थानीय निवासी लक्ष्मण का कहना है कि बस्ती से होकर गुजरने वाले बाईपास रास्ते पर पिछले करीब चार वर्षों से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते पर बड़ी नाली होने और सड़क की स्थिति खराब होने के कारण आए दिन वाहन फंसने तथा ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं सामने आती हैं।
लक्ष्मण के मुताबिक रास्ता स्थानीय लोगों और आसपास की बस्तियों के लिए आने-जाने का महत्वपूर्ण मार्ग है। लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों का दावा है कि दिन में एक-दो वाहन तक रास्ते में फंस जाते हैं और कई बार तीन पहिया ई-रिक्शा भी पलट जाते हैं। इससे यात्रियों और वाहन चालकों को चोट लगने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने दावा किया कि हाल ही में इसी रास्ते पर दो वाहन पलट गए, जिसमें दो लोगों के पैर टूटने और कई अन्य लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनाओं के फोटो और वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं। उनका आरोप है कि रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय निवासी लक्ष्मण का कहना है कि खराब रास्ते और बड़ी नाली के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और दोपहिया तथा ई-रिक्शा चालकों को होती है। उनका कहना है कि वाहन जब नाली के पास से निकलते हैं तो कई बार संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने रास्ते की मरम्मत और नाली की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते की स्थिति देखने के लिए जनप्रतिनिधियों की नियमित मौजूदगी नहीं है। उनका कहना है कि स्थानीय मेंबर और चेयरमैन से समस्या के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन उनकी शिकायत के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। हालांकि इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
लक्ष्मण ने प्रशासन और नगर पंचायत के अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर निरीक्षण कर रास्ते की वास्तविक स्थिति देखी जाए और दुर्घटनाओं की वजह बन रहे गड्ढों तथा नाली की समस्या को दूर कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रास्ते को ठीक नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने रास्ते की स्थिति का वीडियो बनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। ग्रामीणों की मांग है कि केवल कागजी विकास के बजाय मौके पर काम दिखाई देना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। दो लोगों के पैर टूटने और अन्य लोगों के घायल होने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब ग्रामीणों को नगर पंचायत और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। लोगों का कहना है कि चार साल से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान कर रास्ते को आवागमन के योग्य बनाया जाए, ताकि रोजाना होने वाली परेशानियों और संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।


