समस्तीपुर। पूसा अंचल में भूमि संबंधी विवाद को लेकर बिरौली खुर्द निवासी मो. शमीम ने समाहर्ता को आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अंचलाधिकारी पूसा पर कथित रूप से रजिस्टर-2 से उनका नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में मो. शमीम ने बताया कि वह बिरौली खुर्द गांव के निवासी हैं और संबंधित भूमि पर उनका दावा है। उनके अनुसार भूमि मोरिस आला गुमानी मियां, पिता स्व. दुखन मियां के नाम से संबंधित थी, जिसका पर्चा संख्या 498 बताया गया है। शमीम का आरोप है कि अंचलाधिकारी पूसा द्वारा रजिस्टर-2 से उनका नाम हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2010 में पंचायत स्तर पर कथित रूप से गलत एवं जाली दस्तावेज तैयार कराकर भूमि पर बलपूर्वक कब्जा दिलाने की प्रक्रिया की गई। उन्होंने दिनेश राउत, पिता बिशुनी राउत, निवासी बिरौली खुर्द पर भी मामले में कथित रूप से संलिप्त होने का आरोप लगाया है।
मो. शमीम ने बताया कि मोहम्मद शमशेर और मोहम्मद इसराइल के माध्यम से कथित रूप से भूमि की नापी कराई गई तथा नापी के आधार पर गलत दस्तावेज तैयार किए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन दस्तावेजों के जरिए भूमि से संबंधित प्रक्रिया को प्रभावित किया गया और उनके अधिकार वाली जमीन पर कब्जे की स्थिति पैदा की गई।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ पंचायत से संबंधित कागजात की छायाप्रति भी संलग्न किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि उक्त भूमि के अलावा उनके पास रहने के लिए दूसरी जमीन नहीं है। ऐसे में रजिस्टर-2 से नाम हटाए जाने और जमीन पर कथित कब्जे के कारण उनके सामने गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।


