अमरोहा में अपनी मर्जी से शादी करने के बाद विवाद बढ़ने का आरोप, मां उर्मिला देवी और बड़े भाई अजय को भी परेशान करने का दावा, पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की गुहार
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में प्रेम विवाह के बाद पारिवारिक विवाद गहराने का मामला सामने आया है। हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव अगरौला कलां निवासी विजेंद्र सिंह का आरोप है कि गांव की युवती से कोर्ट में विवाह करने के बाद से उनके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, शादी के बाद से ही परिजनों को धमकियां मिलने लगीं और परिवार के सदस्यों को डर के माहौल में जीवन बिताना पड़ रहा है। विजेंद्र का कहना है कि उनके परिवार की सामान्य जिंदगी प्रभावित हो गई है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अपनी सुरक्षा के लिए कहां गुहार लगाएं।
दस्तावेजों के अनुसार, युवती निर्वेश पुत्री मुनेश ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसने 4 जून 2026 को गाजियाबाद स्थित आर्य समाज वैदिक विवाह संस्कार ट्रस्ट में विजेंद्र सिंह पुत्र नेमचन्द्र के साथ हिंदू रीति-रिवाज से अपनी इच्छा और सहमति से विवाह किया था। युवती के अनुसार, विवाह को गाजियाबाद में संबंधित विवाह अधिकारी के यहां भी पंजीकृत कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि विवाह के बाद कुछ परिजन और अन्य लोगों ने इस रिश्ते को लेकर नाराजगी जताई और तभी से दंपती को परेशान किए जाने का आरोप है।
विजेंद्र का कहना है कि शादी के बाद उनकी मां उर्मिला देवी और बड़े भाई अजय को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, परिवार के सदस्यों को धमकियां दिए जाने के कारण उनका बड़ा भाई घर से बाहर रहने को मजबूर है और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्हें गांव में लौटने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। परिवार का कहना है कि इस स्थिति ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है और वे डर के साये में रहने को मजबूर हैं।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि विजेंद्र की मां उर्मिला देवी को घर पर अकेला देखकर उनके साथ गाली-गलौज, दुर्व्यवहार और मारपीट की जाती है। शिकायत में कुमकुम नाम की महिला पर भी आरोप लगाए गए हैं। परिवार के मुताबिक, इस तरह की कथित घटनाओं से मां की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के बयान तथा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधीक्षक अमरोहा को दिए गए प्रार्थना पत्र में निर्वेश ने आरोप लगाया है कि उनकी मां सूरजमुखी, पिता मुनेश, चाचा चन्द्रभान, पीतम, अजय, लोकेश, विनीत, मनीश, हरवंश और जसवीर सहित कुछ लोगों की ओर से उन्हें तथा उनके पति और ससुराल पक्ष को फोन, व्हाट्सऐप कॉल, फेसबुक मैसेंजर और इंस्टाग्राम के माध्यम से धमकियां दी गईं। शिकायत में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किए जाने का भी उल्लेख है। युवती का कहना है कि विवाह के बाद से उन्हें और उनके पति को तलाशने तथा नुकसान पहुंचाने की धमकियां मिलने का सिलसिला जारी है।
शिकायत में 25 जुलाई 2026 की एक कथित घटना का भी जिक्र किया गया है। निर्वेश के अनुसार, उनके जेठ अजय पाल जब हरियाणा के अंबाला जिले के साहा थाना क्षेत्र के गांव सबगा में काम कर रहे थे, तब कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उस मामले में स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से समझौता कराया गया था, लेकिन इसके बाद भी गांव में दिखाई देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि उनके ससुराल पक्ष की फसल को नुकसान पहुंचाया गया और ट्यूबवेल तोड़ दिया गया।
प्रार्थना पत्र में 31 अगस्त 2026 की घटना का भी उल्लेख है। निर्वेश के मुताबिक, वह अपने पति के साथ अमरोहा कचहरी आई थीं। शाम करीब चार बजे जोया में वाहन का इंतजार करते समय कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए दोनों के साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने उन्हें गांव के आसपास दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी। युवती ने बताया कि मौके पर पुलिस पहुंची तो संबंधित लोग वहां से चले गए। उनका दावा है कि इस घटना की शिकायत थाना डिडौली में दी गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक के समक्ष दोबारा गुहार लगानी पड़ी।
विजेंद्र का कहना है कि यदि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से विवाह किया है, तो उनके परिवार को कथित रूप से धमकाने और परेशान करने का मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि परिवार के लोग लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं। मां की सुरक्षा, बड़े भाई की आजीविका और परिवार की सामान्य जिंदगी पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर वे चिंतित हैं। पीड़ित पक्ष चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पीड़ित परिवार ने पुलिस और जिला प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा शिकायत पर समय रहते कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि वे लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं और न्याय पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनकी अपील है कि मामले को गंभीरता से लेकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएं, उपलब्ध साक्ष्यों की जांच हो और किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के विरुद्ध व्यवहार न होने दिया जाए।
अब पीड़ित परिवार को प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की उम्मीद है। विजेंद्र का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनका परिवार बिना किसी डर के जीवन जी सके और उनकी मां तथा बड़े भाई को कथित धमकियों और दुर्व्यवहार से राहत मिले। संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि परिवार को दर-दर भटकने के बजाय कानून के तहत न्याय मिल सके।
विशेष संवाददाता कंचन की रिपोर्ट


