बांका। बिहार के बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के काजी कैरी गांव में छत पर कचरा फेंकने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। पीड़ित कमरे आलम का आरोप है कि 9 अक्टूबर 2026 को उनकी पत्नी नीलोफर खातून के साथ मारपीट की गई। उनका कहना है कि छत पर कचरा फेंके जाने का विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और करीब 10 से 12 लोगों ने मिलकर उनकी पत्नी के साथ मारपीट की। घटना के बाद से परिवार परेशान है। पीड़ित ने पुलिस में आवेदन देने के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।
कमरे आलम के अनुसार, उनका परिवार काजी कैरी, पोस्ट बौंसी, जिला बांका, बिहार में रहता है। उनका मकान कच्चा है और उसकी छत पर अल्बेस्टर की चादर लगी हुई है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है, जिसके कारण परिवार को पहले से ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित का कहना है कि इसी समस्या के कारण उनकी पत्नी नीलोफर खातून छत पर यह देखने गई थीं कि पानी कहां से टपक रहा है। वहां पहुंचने पर उन्हें छत पर काफी मात्रा में कचरा फेंका हुआ दिखाई दिया।
पीड़ित का आरोप है कि यह कचरा उनके पड़ोसी शकील मुखिया की ओर से फेंका गया था। जब उनकी पत्नी ने इस बात का विरोध किया, तो विवाद शुरू हो गया। कमरे आलम के मुताबिक, देखते ही देखते मामला बढ़ गया और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में करीब 10 से 12 लोग शामिल थे। हालांकि, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कमरे आलम का कहना है कि उनका मकान कच्चा है और अल्बेस्टर की छत होने के कारण बारिश में पानी टपकने की समस्या बनी रहती है। दूसरी ओर, उनके पड़ोसी शकील मुखिया का मकान पक्का बताया गया है। पीड़ित के मुताबिक, छत पर कचरा मिलने और उसका विरोध करने के बाद उनकी पत्नी के साथ हुई कथित मारपीट ने परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। उनका कहना है कि पड़ोस में रहने के कारण वे चाहते हैं कि विवाद का समाधान हो और परिवार को सुरक्षित माहौल मिले।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के संबंध में संबंधित थाने में आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर उचित सुनवाई नहीं हुई है। कमरे आलम का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी उन्हें न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार की मांग है कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करे, दोनों पक्षों की बात सुने और यदि जांच में मारपीट या अन्य किसी अपराध की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
कमरे आलम चाहते हैं कि उनकी पत्नी नीलोफर खातून के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में जल्द सुनवाई हो। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार की परेशानी बढ़ सकती है। पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल, मामले में पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष और दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि संबंधित पुलिस प्रशासन शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।


