हैदराबाद। शिवाजी नगर क्षेत्र में रहने वाली पटवारी नाम की एक महिला ने पुराने परिचित पर लगातार परेशान करने, पीछा करने और सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार वह मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं और पिछले कुछ समय से हैदराबाद में रहकर काम कर रही हैं। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक महिला करीब आठ साल पहले शादीशुदा हुई थीं। महिला का कहना है कि 20 सितंबर 2026 की घटना के दौरान उनके करीब 3 से 20 हजार रुपये तथा नाक, कान और अन्य आभूषण ले जाने की बात सामने आई। महिला ने अपने पति का नाम रखपाल बताया है, जबकि उनके गांव में उन्हें अमृतपाल और हैदराबाद में कथित तौर पर मधु नाम से जानने की बात कही गई है। हालांकि इन नामों और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला ने बताया कि हैदराबाद के मियापुर इलाके में रहते समय वह पंथंडल राजू नामक व्यक्ति के यहां कुछ दिनों तक काम करती थीं। बाद में उन्होंने वहां काम करना बंद कर एक प्लास्टिक कंपनी में काम शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि काम छोड़ने के बाद से संबंधित व्यक्ति उनके पीछे पड़ा हुआ है और लगातार उन्हें परेशान कर रहा है।
पीड़िता का आरोप है कि उनके तथा उनके बच्चों से संबंधित तस्वीरों या वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा है कि एक ऐसे ग्रुप के बारे में उन्हें जानकारी मिली, जहां कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो देखे जाते हैं। महिला का कहना है कि उन्होंने अपने फोन में भी ऐसे वीडियो देखे हैं और उन्हें लगातार परेशान करने की कोशिश की जा रही थी।
पीड़िता ने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सोशल मीडिया पर उनकी या उनके बच्चों की तस्वीरों और वीडियो का गलत इस्तेमाल हुआ है तो संबंधित डिजिटल सामग्री की जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
शिकायत में महिला ने अपना संपर्क नंबर 9030000882 दर्ज कराया है। वहीं अन्य उपलब्ध विवरण में 9918065733 नंबर भी सामने आया है। महिला का कहना है कि वह मामले को लेकर काफी परेशान हैं और चाहती हैं कि पुलिस शिकायत में बताए गए तथ्यों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित व्यक्ति या दूसरे पक्ष का पक्ष भी सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पर कथित वीडियो किसने और किस उद्देश्य से प्रसारित किए तथा महिला द्वारा बताए गए रुपये और आभूषण से जुड़े आरोपों में वास्तविक स्थिति क्या है।


