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बकरी के फसल चरने के विवाद में धारदार हथियार से हमला, मां-बेटे समेत 5 घायल; पीड़िता ने चार लोगों पर लगाया मारपीट का आरोप

कटोरिया। बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र के बदलाडीह गांव में बकरी के फसल चरने को लेकर शुरू हुआ विवाद कथित तौर पर मारपीट में बदल गया। घटना में दोनों पक्षों के मां-बेटे समेत पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया में कराया गया। मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है।

पीड़ित सोनी देवी के अनुसार 12 अगस्त 2026 को बकरी के फसल चरने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। उनका कहना है कि उस समय उनके पति कैलाश यादव पहाड़ पर काम के सिलसिले में गए हुए थे। पति की गैरमौजूदगी में विवाद बढ़ गया। सोनी देवी ने सेवक कुमार, बलराम कुमार, किशनदेव यादव और होरिल यादव पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने रड़, कुलाड़ी और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया। उनका कहना है कि मारपीट के दौरान उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को चोटें आईं। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया ले जाया गया।

सोनी देवी के मुताबिक मामूली विवाद देखते ही देखते गंभीर रूप ले लिया। उनका आरोप है कि पति कैलाश यादव की गैरमौजूदगी में उनके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि घटना से संबंधित चोटों के फोटो और वीडियो उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार विवाद के दौरान दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। कुल पांच लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद नामजद आरोपितों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। सोनी देवी का कहना है कि जब परिवार थाने पहुंचकर कार्रवाई के बारे में जानकारी लेता है तो उन्हें आरोपितों के पकड़े जाने की बात कही जाती है, लेकिन परिवार का दावा है कि आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।

पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद परिवार में डर का माहौल बना हुआ है। परिवार को आशंका है कि आरोपितों की ओर से दोबारा विवाद या हमला किया जा सकता है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध फोटो और वीडियो की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

परिवार ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि मामले में समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ितों को सुरक्षा मिल सके और भविष्य में किसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

हालांकि, मारपीट, धारदार हथियार से हमला और आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने संबंधी आरोप पीड़ित पक्ष के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस जांच और दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।