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दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस जीत की तरफ अग्रसर, घनश्याम सिंह 10913 वोट से आगे

दतिया में पिछली बार गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हार झेलनी पड़ी थी। इस बार भी कांग्रेस उम्मीदवार ने अच्छी बढ़त बना ली है और जीत की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में बीजेपी लगातार दूसरी बार इस सीट से हार सकती है। यह पार्टी का सिरदर्द बढ़ाने वाली बात होगी।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती जारी है। नौ राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अच्छी बढ़त बना ली है। वह लगभग 11 हजार वोट से आगे हैं। वहीं, बीजेपी के आशुतोष तिवारी शुरुआत में बढ़त बनाने के बाद पिछड़ गए हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिहाज से इस चुनाव का नतीजा कोई असर नहीं डालेगा, लेकिन यहां हार मिलने पर बीजेपी की चिंता बढ़ जाएगी। वहीं, कांग्रेस की कलह पहले ही खुलकर सामने आ चुकी है। पार्टी ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म की तो उन्होंने मौजूदा उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि 2028 चुनाव में वह अपना दम दिखाएंगे।

मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव 2023 में हुए थे। इस दौरान बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। हालांकि, दो दशक तक राज्य के सीए रहे शिवराज सिंह की जगह मोहन यादव को सीएम बनाया गया। अब 2028 के चुनाव में मोहन यादव की परीक्षा होगी। वहीं, 2018 में कुछ महीनों के लिए सत्ता में आई कांग्रेस दोबारा से यहां वापसी करने की कोशिश में है।

क्यों हुआ उपचुनाव?
2023 में दतिया विधानसभा से राजेंद्र भारती ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, बाद में उन्हें एक पुराने मामले में सजा हो गई और उनकी विधायकी रद्द कर दी गई। इसी वजह से उपचुनाव हुए हैं। राजेंद्र भारती चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। वहीं, बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया। ऐसे में दोनों पार्टियों ने नए चेहरों को मौका दिया। आशुतोष युवा नेता हैं। वहीं, घनश्याम पहले भी विधायक रह चुके हैं।