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चार महीने से न्याय की आस में भटक रहा परिवार, बहन की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग; पुलिस पर लापरवाही के आरोप

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के न्यू अशोक नगर क्षेत्र में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतका की बहन काजल जायसवाल ने प्रशासन और पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना को चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है और उनकी शिकायतों को लगातार टालमटोल किया जा रहा है।

पीड़ित परिवार के अनुसार मृतका की मौत सामान्य नहीं थी। काजल जायसवाल का आरोप है कि उनकी बहन के साथ हुई घटना की हर पहलू से गहन जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कुछ व्यक्तियों पर संदेह जताते हुए पुलिस से उनसे विस्तृत पूछताछ करने की मांग की है। परिवार का दावा है कि घटना से पहले मृतका मानसिक रूप से परेशान थी और कुछ लोगों द्वारा उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

काजल जायसवाल का यह भी दावा है कि घटना से एक दिन पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कथित रूप से उनकी बहन और एक युवक की आवाज सुनाई दे रही है। उनका आरोप है कि यह वीडियो जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है, लेकिन अब तक पुलिस ने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी है। परिवार का कहना है कि यदि इस वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराई जाए तो मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मृतका की दोस्ती एक युवक से थी, जिससे उसकी नियमित बातचीत होती थी। परिवार का दावा है कि मामले से जुड़े कुछ लोगों से निष्पक्ष पूछताछ नहीं की गई है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।

परिजनों का कहना है कि घटना से पहले भी मृतका के कथित रूप से लापता होने की शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस मामले की भी प्रभावी जांच नहीं हुई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। अब परिवार चाहता है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।