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पाक पत्रकार ने पूर्व पीएम इमरान खान की मौत का किया दावा, पाकिस्तान सेना ने किया खंडन

पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार वजाहत एस. खान ने इमरान खान की मौत का दावा किया है। उनके इस दावे पर पीटीआई की सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट ने ट्वीट किया। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने इमरान की मौत के दावों का खंडन किया।
पाकिस्तानी पत्रकार का दावा
इमरान खान को लेकर बड़ा दावा
पीटीआई ने भी सेहत को लेकर चिंता जताई
पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार वजाहत एस. खान ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मौत का दावा किया। उनके इस दावे से दुनियाभर में हड़कंप मच गया। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार और सेना में मौजूद सूत्रों के हवाले से यह दावा किया। उसके बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने मंगलवार को कहा कि पार्टी के संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर लगातार आ रही “चिंताजनक खबरों” से पूरे देश में बेचैनी और घबराहट फैल रही है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि उन्हें इमरान खान से मिलने की इजाज़त दी जाए।

हालांकि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के निधन की खबरों का खंडन किया है।

इमरान खान की मौत का दावा

इमरान खान की पार्टी पीटीआई का यह बयान पत्रकार वजाहत सईद खान की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें इमरान की हिरासत में कथित मौत की बात कही गई थी। इमरान की सेहत और उनसे न मिल पाने को लेकर पहले से ही चिंताएं थीं, और इस रिपोर्ट ने पार्टी के समर्थकों और चाहने वालों के बीच तीखी आलोचना को जन्म दिया।

अदियाला जेल में बंद हैं इमरान खान

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और अभी 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में अदियाला जेल में सज़ा काट रहे हैं। उन पर 9 मई, 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े एंटी-टेररिज़्म एक्ट के तहत भी मुकदमे चल रहे हैं। PTI के सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इमरान की सेहत को लेकर लगातार आ रही “चिंताजनक खबरों” ने “पूरे देश में गहरी चिंता और बेचैनी” पैदा कर दी है।

पीटीआई ने सेहत को लेकर जताई चिंता

PTI के बयान में कहा गया कि “सरकार को यह याद रखना चाहिए कि इमरान खान कोई आम राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि लाखों पाकिस्तानियों के चुने हुए और लोकप्रिय राजनीतिक नेता हैं। उनकी सेहत के बारे में जनता को भरोसे में लेना सरकार की ज़िम्मेदारी है।” इमरान देश की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी के नेता हैं और उनकी सेहत और सुरक्षा “लाखों पाकिस्तानियों की चिंताओं और भावनाओं से सीधे जुड़ी हुई है”। साथ ही यह भी कहा गया कि उनकी सेहत को लेकर अनिश्चितता को और नहीं खींचा जा सकता और यह “मंजूर नहीं” है।

बयान में मांग की गई कि सरकार इमरान की उनके परिवार के सदस्यों, निजी डॉक्टरों, वकीलों और पार्टी के ज़िम्मेदार राजनीतिक नेताओं से मुलाकात सुनिश्चित करने के लिए तुरंत इंतज़ाम करे। साथ ही यह भी कहा गया कि उनकी पूरी मेडिकल जांच और इलाज उनके निजी डॉक्टरों की देखरेख में, परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में और “पूरी पारदर्शिता” के साथ किया जाना चाहिए।

पाकिस्तानी सेना ने इमरान की मौत के दावों का खंडन किया

पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत में मौत की खबरों के बाद पाकिस्तानी सेना ने इस दावे को खारिज कर दिया है, जबकि पत्रकार वजाहत सईद खान, जिन्होंने शुरू में खान की मौत की खबर दी थी, ने बाद में स्पष्ट किया कि उनके सूत्रों ने असल में उनकी मौत की पुष्टि नहीं की थी। इस घटना ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक की हालत और उनके ठिकाने को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जो कई सालों से जेल में बंद हैं। इस विवाद ने उनकी कैद से जुड़ी गोपनीयता पर भी फिर से ध्यान खींचा है।

वजाहत सईद खान ने 11 अगस्त को ‘क्या खान अभी भी हमारे साथ हैं’ और ‘खान के बाद क्या होगा’ शीर्षक से दो भागों वाली एक सीरीज़ प्रकाशित की थी। अपनी शुरुआती रिपोर्ट में, उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान सेना के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) के एक सूत्र ने उन्हें बताया था कि इमरान खान की हिरासत में मौत हो गई है।

इस दावे से जल्द ही अटकलें शुरू हो गईं, लेकिन बाद में पत्रकार ने विस्तार से सफाई देते हुए कहा कि उनके सूत्रों ने इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि पूर्व प्रधानमंत्री की मौत हो गई है। बाद में एक वीडियो में वजाहत ने कहा कि पाकिस्तान सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने खान की हालत और उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई थी, लेकिन उनकी मौत का कोई सबूत नहीं दिया था। खबरों के मुताबिक, उन्होंने कहा, “बिल्कुल साफ बात है। उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि इमरान खान की मौत हो गई है।”

पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग, ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टरेट’ (ISPR) के इन खबरों को खारिज करने के बाद यह विवाद एक नया मोड़ ले गया। सेना ने इन खबरों को झूठा बताया और साफ तौर पर इस बात से इनकार किया कि हिरासत में इमरान खान की मौत हुई है। यह खंडन तब आया जब पत्रकार के शुरुआती दावों के बाद जेल में बंद PTI नेता की हालत को लेकर बड़े पैमाने पर अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

वजाहत ने सेना के जवाब का स्वागत करते हुए कहा कि सेना का इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बात करना ही अपने आप में अहम है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि ISPR ने जवाब दिया है – चाहे वह खबर झूठी हो या कुछ और – क्योंकि इसका मतलब है कि इमरान जिंदा हैं।”