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काजोल ने मां और बहन संग की दुर्गा पूजा की शुरुआत, 80 साल पुरानी परंपरा में शामिल हुआ पूरा परिवार, सामने आई झलकियां

काजोल, तनुजा और तनीषा मुखर्जी ने मुंबई में नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा के 80वें आयोजन का उद्घाटन किया। अयान मुखर्जी समेत परिवार के सदस्य शामिल हुए। यह परंपरा 1948 से जारी है।
मुंबई में दुर्गा पूजा का उत्सव शुरू होते ही मुखर्जी परिवार की सालों पुरानी परंपरा एक बार फिर देखने को मिली। दुर्गा पंचमी के मौके पर अभिनेत्री काजोल अपनी मां तनुजा और बहन तनीषा मुखर्जी के साथ नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा में शामिल हुईं। तीनों ने मिलकर पूजा पंडाल का उद्घाटन किया और मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया। इस खास मौके की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं, जिनमें परिवार का उत्साह और त्योहार के प्रति उनकी आस्था नजर आई। इस साल नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा का 80वां आयोजन हो रहा है। करीब आठ दशक पुरानी यह परंपरा मुखर्जी परिवार के लिए बेहद खास रही है और पीढ़ियों से इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

काजोल ने मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों को किया याद
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंस्टाग्राम पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए मां दुर्गा के विभिन्न रूपों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि यह दिन मां के हर स्वरूप को समर्पित रहा, चाहे वह मां के रूप में हों, बेटी के रूप में, रक्षक के रूप में या देवी के रूप में। अपनी पोस्ट में काजोल ने ‘जय मां दुर्गा’ लिखते हुए उत्सव की शुरुआत का उत्साह भी जाहिर किया। हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा के आयोजन में उनकी मौजूदगी ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा। काजोल अपनी मां तनुजा और बहन तनीषा के साथ इस पारिवारिक परंपरा को निभाती नजर आईं।
तनीषा मुखर्जी ने भी साझा कीं तस्वीरें
तनीषा मुखर्जी ने भी सोशल मीडिया पर पूजा समारोह की तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने दुर्गा पूजा को साल का अपना पसंदीदा समय बताते हुए लिखा, ‘मां आछे!’ और मां दुर्गा की जयकार की। इस आयोजन में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए। इनमें फिल्म निर्माता अयान मुखर्जी और अभिनेत्री शरबानी मुखर्जी का नाम भी शामिल है। शरबानी फिल्म ‘बॉर्डर’ में अपनी भूमिका के लिए जानी जाती हैं। मुखर्जी परिवार के सदस्यों का एक साथ जुटना इस उत्सव को और खास बनाता है। पूजा के दौरान परिवार के लोग धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते हैं और इस परंपरा को मिलकर आगे बढ़ाते हैं।

1948 में हुई थी नॉर्थ बॉम्बे दुर्गा पूजा की शुरुआत
नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनिक दुर्गा पूजा की स्थापना साल 1948 में फिल्म निर्माता सशाधर मुखर्जी ने की थी। वह फिल्मालय स्टूडियो के संस्थापक थे। इस आयोजन की शुरुआत में उनकी पत्नी सतीरानी मुखर्जी, जेएम भद्रा और 26 अन्य सदस्य भी शामिल थे। पूजा का पहला आयोजन मुंबई के सांताक्रूज स्थित श्री मंडल हॉल में हुआ था, जिसे पोद्दार स्कूल के नाम से भी जाना जाता था। समय के साथ इस उत्सव का विस्तार हुआ और आयोजन स्थल भी बदला। बाद में पूजा जुहू के ट्यूलिप स्टार होटल में आयोजित होने लगी। अब इसका आयोजन इसी इलाके में एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय के पास किया जाता है।

मुखर्जी परिवार की पीढ़ियों से जुड़ी है परंपरा
इस दुर्गा पूजा का मुखर्जी परिवार से गहरा संबंध रहा है। परिवार के कई सदस्य वर्षों से इसके आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। अयान मुखर्जी के पिता और अभिनेता देब मुखर्जी भी पूजा के आयोजन से करीब से जुड़े रहे थे। साल 2025 में उनके निधन के बाद इस परंपरा से जुड़ी उनकी यादें भी परिवार के लिए अहम हो गई हैं। अभिनेत्री रानी मुखर्जी भी आमतौर पर हर साल दुर्गा पूजा में शामिल होती हैं। हालांकि इस बार उनकी मौजूदगी को लेकर अनिश्चितता है। उनकी मां कृष्णा मुखर्जी का 22 सितंबर को निधन हो गया था। ऐसे में वह इस साल के उत्सव में शामिल होंगी या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।