Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
HomeNewsWorldजंग के बीच अमेरिका जाएंगे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश...

जंग के बीच अमेरिका जाएंगे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची, क्या है मकसद?

अमेरिका और ईरान के बीच बीते लंबे समय से जंग को लेकर गतिरोध लगातार जारी है। ऐसे समय में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ईरान जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि वे ऐसे समय में अमेरिका क्यों जा रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच साल 2026 की शुरुआत से ही लगातार तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच हुई भीषण जंग के बाद कुछ समय के लिए सीजफायर की घोषणा की गई लेकिन इसके कुछ समय बाद ही सीजफायर टूट गया। इसके बाद से ही दोनों देश एक दूसरे के ठिकानों पर रुक-रुककर हमले कर रहे हैं जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। जंग के माहौल के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची अमेरिका जाने वाले हैं। आइए जानते हैं क्या है उनकी इस यात्रा का मकसद।

क्या है अमेरिका जाने का मकसद?
दरअसल, अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया जाना निर्धारित किया गया है। ऐसे में जानकारी सामने आई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची समेत कई उच्च अधिकारियों को UNGA की बैठक में शामिल होने के लिए वीजा दे दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार के कहा है कि ईरान के मुख्य डेलिगेशन और अन्य जरूरी कर्मचारियों को वीजा देने की मंजूरी दे दी गई है।

क्या कंफर्म है दौरा?
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के अधिकारियों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर जानकारी दी है कि ईरान के जिस डेलिगेशन को वीजा जारी करने की मंजूरी दी गई है, उसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची का नाम भी शामिल है। इसका मतलह है कि दोनों नेताओं का अमेरिका दौरा कंफर्म माना जा रहा है।

ईरान-रूस के खिलाफ बिल हुई पास
आपको बता दें कि ये अपडेट ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी संसद ने हाल ही में रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले एक बड़े बिल को पास कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बिल पर जल्द ही साइन करने की योजना बना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस बिल से डोनाल्ड ट्रंप को ये ताकत मिल जाएगी कि वे रूस और ईरान से तेल-गैस आदि खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं।