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जमीन के कागजात जमा करने के एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, उमेश प्रसाद ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

सिवान। बिहार के सिवान जिले के हुसैनगंज अंचल क्षेत्र के बल्ली भाना गांव में जमीन से जुड़े विवाद और सरकारी कार्यालय में कथित देरी का मामला सामने आया है। जमीन को लेकर अपने चार बड़े भाइयों के साथ विवाद का सामना कर रहे 50 वर्षीय उमेश प्रसाद पिता स्वर्गीय श्री शिवनाथ बरई ने अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि जमीन से संबंधित आवश्यक कागजात अंचल कार्यालय में जमा कराने के बावजूद निर्धारित समय में उनकी जांच नहीं की गई। इससे उनका परिवार लगातार परेशान है और मामले का समाधान नहीं निकलने के कारण उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा बल्ली, थाना हुसैनगंज निवासी उमेश प्रसाद, पिता स्वर्गीय श्री शिवनाथ बरई के पुत्र हैं। उमेश प्रसाद पिता स्वर्गीय श्री शिवनाथ बरई का कहना है कि उनके पिता ने अपने जीवनकाल में संबंधित जमीन उनके नाम हस्तांतरित की थी। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज भी तैयार कराए गए थे। पीड़ित के अनुसार, जमीन पर अपने अधिकार और दावे से जुड़े कागजात उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने चार बड़े भाइयों पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने और जमीन छोड़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

उमेश प्रसाद पिता स्वर्गीय श्री शिवनाथ बरई की ओर से दिए गए आवेदन के मुताबिक, उन्होंने 1 सितंबर 2025 को संबंधित जमीन से जुड़े कागजात हुसैनगंज अंचल कार्यालय में जमा कराए थे। उनका कहना है कि दस्तावेज जमा करने के बाद कार्यालय की ओर से जांच किए जाने की उम्मीद थी, ताकि जमीन से संबंधित वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। लेकिन आवेदन में आरोप लगाया गया है कि करीब एक महीने बीत जाने के बाद भी कागजातों की जांच को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का कहना है कि वह इस संबंध में कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।

पीड़ित ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि बार-बार अपनी समस्या बताने के बावजूद मामले को लेकर टालमटोल की जा रही है। उनके अनुसार, जमीन का विवाद उनके परिवार के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। एक तरफ उन्हें अपने भाइयों के साथ चल रहे विवाद की चिंता सता रही है, तो दूसरी तरफ सरकारी कार्यालय में दस्तावेजों की जांच और आगे की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मामले की सुनवाई और जांच हो जाए, तो विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

उमेश प्रसाद पिता स्वर्गीय श्री शिवनाथ बरई ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हुसैनगंज अंचल कार्यालय में जमा कराए गए जमीन के सभी कागजातों की निष्पक्ष जांच कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाए। साथ ही, उनके आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई कर जमीन से संबंधित राजस्व अभिलेखों और नामांतरण की स्थिति स्पष्ट की जाए। पीड़ित चाहते हैं कि उपलब्ध दस्तावेजों की सत्यता की जांच के बाद कानून के अनुसार उचित निर्णय लिया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।

परिवार का कहना है कि जमीन से जुड़ी इस समस्या के कारण वे काफी परेशान हैं। उन्हें आशंका है कि यदि मामले को लंबे समय तक लंबित रखा गया, तो विवाद और गहरा सकता है। परिवार चाहता है कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करे, संबंधित पक्षों की बात सुने और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित करे। पीड़ित ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा जताई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और उन्हें न्याय पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

यह मामला एक ओर पारिवारिक जमीन विवाद की गंभीरता को सामने लाता है, तो दूसरी ओर राजस्व संबंधी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व, दस्तावेजों की वैधानिक स्थिति और अंचल कार्यालय की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। फिलहाल उमेश प्रसाद पिता स्वर्गीय श्री शिवनाथ बरईको जिला प्रशासन से उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और अंचल कार्यालय में जमा दस्तावेजों की जांच कब तक पूरी होती है। पीड़ित परिवार की मांग है कि मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए और कानून के अनुसार समय रहते न्याय दिलाने में मदद की जाए।