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जमीन पर कब्जे का आरोप, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकियां; शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं, डर के साए में जी रहा सोलंकी परिवार

कच्छ। रापर तहसील के कीडियानगर गांव में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार ने आठ लोगों पर जमीन कब्जाने की कोशिश, रास्ता रोककर धमकाने, गाली-गलौज करने, जातिसूचक अपमान करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता मुकशेभाई रायमलभाई सोलंकी का कहना है कि उनके पिता स्वर्गीय रायमलभाई के नाम दर्ज जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उनकी समस्या का प्रभावी समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

शिकायत के अनुसार कीडियानगर, तहसील रापर, जिला कच्छ स्थित रेवेन्यू सर्वे नंबर 543/पैकी 2 की जमीन उनके पिता स्वर्गीय रायमलभाई के नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी जमीन को लेकर गांव के आठ लोगों ने एकजुट होकर कथित रूप से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी है। शिकायत में आरोपियों के रूप में लक्ष्मणभाई देवाभाई राजपूत, गेलाभाई देवाभाई राजपूत, रतनभाई देवाभाई राजपूत, प्रवीणभाई देवा राजपूत, हरेशभाई लक्ष्मण राजपूत, अजीतभाई लक्ष्मणभाई राजपूत, परेशभाई लक्ष्मणभाई राजपूत और राणाभाई हरिभाई राजपूत के नाम दिए गए हैं। सभी के कीडियानगर निवासी होने की बात शिकायत में कही गई है।

मुकुेशभाई का आरोप है कि संबंधित लोग उनके पिता के नाम की जमीन में वाहनों को खड़ा करने, वोकरी नदी के वेण का कथित रूप से खनन करने, बांध-पाले बनाने और सरकारी जमीन को अपनी जमीन में मिलाने जैसे काम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनके खेत के बीच से कीडियानगर से चोटलिया वाड़ी क्षेत्र की ओर जाने वाला डामर रोड निकलता है और इसी जमीन को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है।

परिवार का आरोप है कि खेत पर जाने के दौरान उन्हें कथित रूप से रास्ते में रोककर धमकाया जाता है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपित पक्ष उन्हें जमीन छोड़ने और खेती न करने के लिए दबाव बनाता है। कथित तौर पर यह भी कहा जाता है कि यदि जमीन नहीं छोड़ी तो उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कर उन्हें गांव से निकलवा दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके भाइयों को सार्वजनिक रूप से हाथ-पैर तोड़ने तथा जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। परिवार का दावा है कि कई बार यह कहा गया कि जमीन छोड़ दो, यह हमारा गांव है और यहां तुम कुछ नहीं कर पाओगे। शिकायत में आरोप है कि रात में भी जान से मारने या मरवाने की धमकियां दी जाती हैं।

मुकुेशभाई के मुताबिक उनके भाई देवसीभाई रायमलभाई और कांतिभाई रायमलभाई को भी खेत पर जाते समय कथित रूप से रोका और धमकाया जाता है। परिवार का कहना है कि लगातार धमकियों के कारण खेत पर जाना और खेती करना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि वर्तमान में उन्हें अपनी जमीन पर फसल बोने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि गांव छोटा होने और विवाद बढ़ने के डर से परिवार लंबे समय तक चुप रहा। लेकिन कथित धमकियां और दबाव बढ़ने के बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन से लिखित शिकायत करना जरूरी समझा। शिकायत 8 अगस्त 2026 को गागोदर पुलिस स्टेशन में दिए जाने का उल्लेख किया गया है। आवेदन की प्रतियां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी भेजे जाने की बात शिकायत में दर्ज है।

परिवार का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद उन्हें अभी तक वह सुरक्षा और राहत नहीं मिली जिसकी उन्हें उम्मीद थी। पीड़ित परिवार का दावा है कि लगातार डर के कारण घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। खेत पर जाने में उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता रहती है और परिवार के सदस्यों को आशंका है कि कभी भी कोई गंभीर घटना हो सकती है।

मुकुेशभाई ने प्रशासन से पूरे मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और कथित कब्जे की जांच कराने के साथ ही धमकी और उत्पीड़न के आरोपों पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार चाहता है कि जांच पूरी होने तक उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना भय के अपनी जमीन और खेती से जुड़े काम कर सकें।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो विवाद गंभीर रूप ले सकता है। परिवार ने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और किसी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। जमीन के स्वामित्व, कथित कब्जे, धमकी और जातिसूचक अपमान के आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल शिकायतकर्ता परिवार प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार लगा रहा है।