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सात माह की गर्भवती महिला के पेट पर लात मारने का आरोप, हालत गंभीर, पीड़ित परिवार बोला- दबंगों के डर से पुलिस नहीं दर्ज कर रही एफआईआर

बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)। बुलंदशहर जिले के आहार थाना क्षेत्र के मौहरसा गांव से एक गर्भवती महिला के साथ कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद गांव के ही दो युवकों ने उनकी सात से आठ माह की गर्भवती महिला के पेट पर लात मार दी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर अवस्था में पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बुलंदशहर रेफर किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

पीड़ित श्रीपाल सिंह, निवासी ग्राम मौहरसा, थाना आहार, जनपद बुलंदशहर ने बताया कि उनकी पत्नी मोहिनी, जो करीब सात से आठ माह की गर्भवती हैं, रास्ते से गुजर रही थीं। इसी दौरान गांव के ही पवन और अजय की बहन ने कथित रूप से उन पर कूड़ा फेंक दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।

पीड़ित का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पवन और अजय घर से बाहर आए और उनकी पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान गर्भवती मोहिनी के पेट पर लात मारी गई, जिससे वह दर्द से तड़पकर गिर पड़ीं और उनकी हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए बुलंदशहर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि महिला का इलाज अभी भी जारी है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने घटना की सूचना आहार थाने में दी, लेकिन अब तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उनका कहना है कि आरोपित पक्ष दबंग प्रवृत्ति का है और उनके परिवार के एक सदस्य की फायर ब्रिगेड विभाग में नौकरी होने के कारण प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर कार्रवाई प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है।

परिजनों का कहना है कि गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों की सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।