मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के कछवां थाना क्षेत्र के ग्राम पसियाही में पारिवारिक विवाद के दौरान एक महिला के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद महिला के जेठ और जेठानी ने उनके साथ लाठी-डंडों से हमला कर दिया। महिला अपनी सास को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंची थीं, लेकिन आरोप है कि आरोपियों ने सास को छोड़कर उन्हें ही निशाना बना लिया। मारपीट में महिला की रीढ़ की हड्डी और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका उपचार जारी है। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि 2 नवंबर 2026 को हुई इस घटना के बाद पुलिस में शिकायत और मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़िता पूनम देवी पत्नी राजेश कुमार निषाद ग्राम पसियाही, थाना कछवां, जनपद मिर्जापुर की निवासी हैं। उनके भाई मोहित ने प्रयागराज से इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बहन के साथ हुई मारपीट के बाद परिवार लगातार न्याय के लिए अधिकारियों और पुलिस के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं से भी उनकी शिकायत पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का कहना है कि एक तरफ पूनम देवी गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में उपचार करा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जिन लोगों पर मारपीट करने का आरोप है, वे खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को लगातार धमका रहे हैं।
सास को बचाने पहुंची थीं पूनम, जेठ-जेठानी ने मिलकर किया हमला
पूनम देवी की ओर से थाना कछवां में दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र के अनुसार, 2 नवंबर 2026 की सुबह करीब 9 बजे बच्चों के बीच हुए विवाद को लेकर उनके जेठ महेंद्र पुत्र बुल्लू और जेठानी शीला देवी पत्नी महेंद्र गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान घर में विवाद बढ़ गया। बताया गया कि जब पूनम देवी अपनी सास को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोप है कि महेंद्र और शीला देवी ने उन्हें ही निशाना बना लिया।
पीड़िता का आरोप है कि दोनों ने लाठी-डंडों से उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। हमले में उनकी रीढ़ की हड्डी और पैर में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। मारपीट के बाद पूनम देवी की हालत बिगड़ गई और उन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
2 नवंबर को हुई घटना, शिकायत के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप
पीड़िता के परिवार का सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर है। परिजनों का कहना है कि घटना 2 नवंबर 2026 की है। पीड़िता ने उसी दिन थाने में लिखित शिकायत दी और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उनकी तहरीर पर मामला भी दर्ज किया गया। इसके बावजूद परिवार का आरोप है कि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़िता के भाई मोहित का कहना है कि जब उनकी बहन गंभीर रूप से घायल है और शिकायत में मारपीट करने वालों के नाम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, तो पुलिस को मामले में तत्काल निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस कदम उठता दिखाई नहीं दे रहा है।
दिवाली से पहले मार डालने की धमकी देने का आरोप, परिवार में डर का माहौल
मामले को और गंभीर बनाते हुए पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों पर मारपीट करने का आरोप है, वे अब लगातार परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिजनों के मुताबिक आरोपियों की ओर से कथित तौर पर कहा जा रहा है कि दिवाली से पहले तुम्हें मार डालेंगे।
परिवार का कहना है कि इस तरह की धमकियों के कारण वे भयभीत हैं। एक तरफ पूनम देवी चोटों से जूझ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। परिजनों का सवाल है कि जब जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत भी सामने आ रही है, तो पुलिस आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कदम क्यों नहीं उठा रही है। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को लगातार डर के माहौल में जीना पड़ रहा है।
थाने से लेकर अधिकारियों तक लगाई गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं होने का आरोप
पीड़िता के भाई मोहित के मुताबिक, परिवार ने केवल थाने में शिकायत देकर ही मामला नहीं छोड़ा, बल्कि न्याय की उम्मीद में कई जगह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी अपनी बात रखी। अलग-अलग स्तर पर शिकायतें की गईं और अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई गई। इसके बावजूद परिवार का आरोप है कि अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
परिजनों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय मिलने के बजाय केवल इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार का आरोप है कि अधिकारियों के स्तर पर भी उनकी शिकायत की गंभीरता से सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता की गंभीर चोटों और कथित जान से मारने की धमकियों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
पुलिस दस्तावेज में दर्ज हैं आरोपियों के नाम, जांच अधिकारी भी नियुक्त
पुलिस के उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार, पूनम देवी पत्नी राजेश कुमार निषाद की शिकायत पर 2 नवंबर 2026 को महेंद्र पुत्र बुल्लू और शीला देवी पत्नी महेंद्र के नाम आरोपितों के रूप में दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच उपनिरीक्षक अवधेश कुमार सिंह को सौंपी गई है। शिकायत में पीड़िता ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
अब परिवार की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे, पीड़िता के मेडिकल और अन्य साक्ष्यों को ध्यान में रखे तथा आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करे। साथ ही कथित धमकियों को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
परिवार की मांग, पूनम को मिले न्याय और आरोपियों पर हो कार्रवाई
पीड़िता के भाई मोहित ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासन से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बहन के साथ मारपीट हुई, उन्हें गंभीर चोटें आईं, अस्पताल में इलाज कराना पड़ा और अब परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप है। इसके बावजूद यदि कार्रवाई नहीं होती है तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद लेकर कहां जाए?
परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और धमकी देने के आरोपों की भी जांच कराई जाए। पीड़िता और उनके परिजनों का कहना है कि वे किसी से विवाद नहीं चाहते, बल्कि अपनी सुरक्षा और न्याय चाहते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में कब तक संज्ञान लेते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।


