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HomeNewsअसम के हॉस्टल में दूषित पानी पीने से 52 स्टूडेंट बीमार, टंकी...

असम के हॉस्टल में दूषित पानी पीने से 52 स्टूडेंट बीमार, टंकी में मरा हुआ बंदर मिलने से हड़कंप!

गुवाहाटी के कॉलेज के हॉस्टल में दूषित पानी पीने की वजह से 52 छात्र बीमार पड़ गए और उन्हें हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। छात्रों ने पानी से बदबू आने की शिकायत की थी। बाद में पानी की टंकी में कथित रूप से मरा हुआ बंदर मिला था।
असम में गुवाहाटी स्थित असम इंजीनियरिंग कॉलेज के 50 से ज्यादा स्टूडेंट उसके हॉस्टल की टंकी का पानी पीने से बीमार पड़ गए, जिसमें कथित रूप से एक मरा हुआ बंदर मिला था। यह घटना गुवाहाटी के जालुकबारी में स्थित कॉलेज के हॉस्टल नंबर सात की है, जहां दुर्गा पूजा की छुट्टियों से लौटने के बाद से ही स्टूडेंट पानी से बदबू आने की शिकायत कर रहे थे।
52 स्टूडेंट्स को हुई उल्टी और पेट दर्द की शिकायत

गवर्मेंट आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्राचार्य प्रणवज्योति वैश्य के मुताबिक, पेट दर्द, उल्टी और बुखार की शिकायतों के साथ 52 स्टूडेंट्स को अस्पताल लाया गया था। उन्होंने आगे कहा, “इमरजेंसी डिपार्टमेंट में उनकी जांच और इलाज किया गया। 3 स्टूडेंट्स को बेहतर इलाज के लिए अन्य हॉस्पिटल भी भेजा गया था। हालांकि, किसी को भी हॉस्पिटल में एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ी और सभी 52 स्टूडेंट्स की हालत स्थिर है। उन्हें छुट्टी दे दी गई है।”

छात्रों ने की थी पानी में बदबू आने की शिकायत

स्टूडेंट्स के मुताबिक, यह समस्या रविवार को तब सामने आई जब पानी की क्वालिटी को लेकर लगातार आ रही शिकायतों के बाद उन्होंने छत पर रखी टंकियों की चेकिंग की। एक स्टूडेंट ने बताया कि पीने के पानी से दुर्गंध आने के बाद हॉस्टल के केयरटेकर से शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। असम इंजीनियरिंग कॉलेज की प्राचार्या अमृता गांगुली ने कहा कि पेट से जुड़ी बीमारियों की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने पानी की टंकियों की सफाई कराई और स्टूडेंट्स की मेस को दूसरे हॉस्टल में ट्रांसफर कर दिया।

पीने के पानी के इंतजाम को लेकर उठे सवाल

इस घटना ने हॉस्टल में पीने के पानी के इंतजाम और पानी की टंकियों की नियमित सफाई को लेकर प्रश्न उठा दिए हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि पानी में दुर्गंध आने की शिकायत के बावजूद समस्या बनी रही थी। ऐसे में यह प्रश्न भी खड़ा होता है कि शिकायत के बाद टंकियों की जांच वक्त रहते क्यों नहीं की गई। इससे पहले, उत्तराखंड के नैनीताल में दूषित पानी की सप्लाई से 2 लोगों की मौत हो गई थी। फिर, इस मामले में 6 इंजीनियर सस्पेंड हुए थे।