चंडीगढ़। मौली जांगरा के विकास नगर में पारिवारिक विवाद और मकान पर कब्जे को लेकर सामने आए मामले में अब एक अन्य पुलिस दस्तावेज ने भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमर सिंह और उनकी पत्नी अनीता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित NCR दस्तावेज में मुकेश नाम के व्यक्ति का उल्लेख है। शिकायत में घरेलू विवाद, कथित मारपीट और गैस सिलेंडर से जुड़े हादसे का जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है और शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला।
वर्ष 2017 में अमर सिंह ने चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार को पत्र लिखकर अपने भाई मुकेश कुमार, विक्रम, राम अवतार और तत्कालीन स्थानीय पार्षद अनिल कुमार दुबे पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब उपलब्ध NCR दस्तावेज में दर्ज अलग घटना का विवरण भी मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, दोनों शिकायतों के बीच संबंध और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से होना आवश्यक है।
पिता की मृत्यु के बाद मकान को लेकर शुरू हुआ विवाद
अमर सिंह की वर्ष 2017 की शिकायत के अनुसार, उनके पिता का जनवरी 2016 में निधन हो गया था। इसके बाद परिवार में मकान और घरेलू सामान को लेकर विवाद बढ़ गया। अमर सिंह का आरोप था कि उनके भाई मुकेश कुमार, विक्रम और राम अवतार ने उनके साथ मारपीट की तथा घर के सामान पर कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा था कि उन्हें मकान की दूसरी मंजिल पर रहने के लिए भेज दिया गया।
अमर सिंह का दावा था कि उनके पिता की इच्छा के अनुसार उन्हें मकान के निचले हिस्से में रहना था, जबकि छोटे बेटों के ऊपर रहने की बात कही गई थी। इसी व्यवस्था को लेकर परिवार में विवाद होने का आरोप लगाया गया। मकान के वास्तविक स्वामित्व और हिस्सेदारी की स्थिति संबंधित संपत्ति दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।
कार्यालय में बुलाकर मारपीट करने का आरोप
अमर सिंह ने अपनी पुरानी शिकायत में तत्कालीन स्थानीय पार्षद अनिल कुमार दुबे पर आरोप लगाया था कि उन्हें कार्यालय में बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और धमकाया गया। शिकायतकर्ता का कहना था कि उन्हें चंडीगढ़ में रहना मुश्किल कर देने जैसी धमकी दी गई।
अमर सिंह ने यह भी आरोप लगाया था कि संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत देने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों के बयान और आधिकारिक रिकॉर्ड आवश्यक हैं।
NCR दस्तावेज में गैस सिलेंडर से जुड़े हादसे का उल्लेख
प्राप्त NCR दस्तावेज में शिकायतकर्ता के रूप में अनीता का नाम दर्ज है और उनके पति का नाम अमर सिंह लिखा हुआ है। दस्तावेज में मौली जांगरा के विकास नगर स्थित मकान का पता दर्ज है। इसमें मुकेश नाम के व्यक्ति का भी उल्लेख किया गया है।
दस्तावेज में दर्ज शिकायत के अनुसार, मुकेश घर पर गैस सिलेंडर में गैस भरने का काम करता था। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि इस काम को खतरनाक बताते हुए उसे कई बार मना किया गया था, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी।
शिकायत के विवरण में 16 जनवरी 2025 की सुबह लगभग 6:30 बजे की घटना का जिक्र है। दस्तावेज के अनुसार, उस समय घर में चार वर्षीय बच्चा मौजूद था और गैस सिलेंडर से जुड़े हादसे के दौरान अचानक आग लगने तथा धमाके जैसी स्थिति बनने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में बच्चों के झुलसने और घर के सामान को नुकसान पहुंचने का भी उल्लेख है।
दस्तावेज में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि इस घटना की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
यह विवरण शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। हादसे के कारण, बच्चों को लगी चोटों की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस जांच, मेडिकल रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की पुष्टि जरूरी है।
शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
अमर सिंह और उनके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का मुख्य सवाल यह है कि पारिवारिक विवाद, कथित मारपीट, मकान पर कब्जे और गैस सिलेंडर से जुड़े हादसे के संबंध में की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई।
परिवार का आरोप है कि शिकायतें देने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों से यह स्पष्ट नहीं होता कि सभी शिकायतों पर पुलिस या प्रशासन ने क्या कदम उठाए, किसी मामले में जांच पूरी हुई या कोई कानूनी निष्कर्ष निकला।
प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
अमर सिंह ने 13 नवंबर 2017 को लिखे गए पत्र में चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग की थी।
परिवार की मांग है कि पुरानी शिकायतों और 16 जनवरी 2025 की घटना से संबंधित पुलिस रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि किसी भी मामले में शिकायत लंबित है, तो उसकी स्थिति शिकायतकर्ता को बताई जाए और कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं।
फिलहाल उपलब्ध दस्तावेज शिकायतकर्ता पक्ष के आरोपों और उनके द्वारा दी गई जानकारी को सामने रखते हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और संबंधित पक्षों का जवाब जरूरी है।


