चीन में बने स्टील के अलावा प्रशासन का कहना है कि ऑटोमोबाइल, बैटरी, पेपर और सेमीकंडक्टर समेत कई इंडस्ट्री में जरूरत से ज्यादा उत्पादन की समस्या रही है, जिससे अमेरिका अपने प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ रहा है।
G20 देशों के व्यापार मंत्रियों ने गुरुवार को बाजारों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन और कम कीमत वाले सामान की भरमार को रोकने के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इससे अमेरिकी मैन्यूफैक्चरर्स को नुकसान हो रहा है। मीटिंग से बाहर निकलते हुए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि जरूरत से ज्यादा उत्पाद की समस्या पर आम सहमति नहीं बनने के बावजूद बातचीत रचनात्मक रही।
अमेरिका ने साझेदारों पर लगाया मांग से ज्यादा मात्रा में सामान के उत्पादन का आरोप
ग्रीर ने कहा, ”लगभग सभी देशों ने माना कि ये एक ऐसा मुद्दा है जिस पर कार्रवाई की जरूरत है। साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए व्यापार में सुधारात्मक उपायों और जवाब देने की हमारी मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।” अमेरिका ने व्यापारिक साझेदारों पर मांग से ज्यादा मात्रा में कई तरह के सामान का उत्पादन करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि इससे कीमतें नीचे आती हैं और प्रतिस्पर्धा का संतुलन बिगड़ जाता है।
मांग से ज्यादा उत्पादन के मामले में चीन को सबसे बड़ा दोषी मानता है अमेरिका
बताते चलें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन चीन को इसका सबसे बड़ा दोषी मानता है, लेकिन उसने नॉर्वे से लेकर बांग्लादेश तक के देशों के खिलाफ जांच शुरू की है। चीन में बने स्टील के अलावा प्रशासन का कहना है कि ऑटोमोबाइल, बैटरी, पेपर और सेमीकंडक्टर समेत कई इंडस्ट्री में जरूरत से ज्यादा उत्पादन की समस्या रही है, जिससे अमेरिका अपने प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ रहा है।
अमेरिका और कनाडा के बीच जारी सबसे बड़े ट्रेड वॉर में सफलता के संकेत नहीं
G20 के प्रतिनिधियों की मिल्वॉकी में हुई मीटिंग में अमेरिका और कनाडा के बीच जारी सबसे बड़े ट्रेड वॉर में किसी बड़ी सफलता के संकेत नहीं मिले। गर्मियों के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। ट्रंप ने करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर के कनाडा के आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिका पर तत्काल टैरिफ लगा दिए। इस हफ्ते स्थिति और बिगड़ गई, जब ट्रंप ने करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर के कनाडा के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें शराब, डेयरी उत्पाद और मोटरसाइकिल शामिल हैं।
ग्रीर ने कहा, ”हकीकत यह है कि कुछ ऐसे मुद्दे अब भी पेंडिंग हैं, जिनका समाधान करना काफी मुश्किल है।” वहीं कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने सहयोग की अपील करते हुए कहा, ”आपके सामने भी उन्हीं में से कुछ चुनौतियां हैं, जिनका हम सामना कर रहे हैं। आइए, एक-दूसरे की मदद करें और मिलकर इसका समाधान निकालें।”
बंधुआ मजदूरी के मुद्दे पर भी नहीं बनी बात
मीटिंग में बंधुआ मजदूरी के मुद्दे पर भी कोई बात नहीं बनी। ग्रीर ने कहा, ”यकीन करना मुश्किल है, लेकिन G20 में ऐसे देश हैं जो बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध नहीं होना चाहते। अंतत: हम सभी जानते हैं कि बंधुआ मजदूरी गलत है और इससे हमारे बाजारों में स्थिति बिगड़ेगी तथा हम इसे नहीं होने देंगे।


