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उन्नाव में जमीन पर कब्जे और धमकी का आरोप, 20 साल से विवाद का दावा; पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

उन्नाव। ग्राम बारी खेड़ा मजरे मवई निवासी राकेश कुमार पुत्र सरजू प्रसाद ने भूमि संख्या 834, रकबा 0.3670 हेक्टेयर को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त भूमि पर उनके पिता सरजू प्रसाद का कब्जा और स्वामित्व रहा है। पिता की मृत्यु के बाद अब परिवार भूमि से जुड़े विवाद को लेकर परेशान है।

शिकायत में बताया गया है कि भूमि संख्या 834 को लेकर सिविल जज जूनियर डिवीजन, पुरवा, उन्नाव की अदालत में दीवानी वाद संख्या 121/2008 रामफेर आदि बनाम शत्रुहन आदि चल चुका है। शिकायतकर्ता का कहना है कि न्यायालय ने 14 मई 2008 को उक्त भूमि के संबंध में स्थगन आदेश पारित किया था, जिसे वह आज भी प्रभावी बता रहे हैं।

राकेश कुमार का आरोप है कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि विरोध करने पर कथित तौर पर धमकी दी जाती है कि निर्माण करके ही रहेंगे और कोई न्यायालय उन्हें रोक नहीं सकता। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि निर्माण हो गया तो परिवार को अपूरणीय क्षति हो सकती है तथा विरोध करने पर झगड़े की स्थिति भी बन सकती है।

इसी मामले में छोटू पाल नाम के एक अन्य शिकायतकर्ता ने भी जमीन पर कथित कब्जे और धमकी को लेकर अपनी परेशानी बताई है। उनके अनुसार जमीन पर करीब 20 वर्षों से कब्जे का विवाद चला आ रहा है। छोटू पाल का आरोप है कि आलोक पाल और अरुण पाल नाम के लोगों द्वारा उनकी जमीन पर कब्जा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार विवादित जमीन के बीच से रास्ता भी निकाल दिया गया है, जबकि परिवार की भूमि को लेकर लगातार परेशानी बनी हुई है।

छोटू पाल का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है और कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर अलग-अलग स्तर पर आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें अपेक्षित कार्रवाई या समाधान नहीं मिला है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से जमीन की जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जमीन से संबंधित विवाद लंबे समय से चल रहा है और न्यायालय के आदेश तथा राजस्व अभिलेखों के अनुसार मामले की जांच आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके की जांच कराई जाए, कथित अवैध निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति की जांच हो और यदि कोई न्यायालयी आदेश प्रभावी है तो उसके अनुपालन को सुनिश्चित कराया जाए।

मामले में लगाए गए कब्जे, धमकी और अन्य आरोप शिकायतकर्ताओं के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष और प्रशासनिक जांच के बाद वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

राकेश कुमार ने जिलाधिकारी उन्नाव से भूमि संख्या 834, रकबा 0.3670 हेक्टेयर, ग्राम मवई, परगना मौरावां, तहसील पुरवा में कथित निर्माण को रुकवाने तथा न्यायालय के स्थगन आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। वहीं छोटू पाल ने भी जमीन संबंधी विवाद में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग उठाई है।