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सरकारी जमीन के विवाद में घर पर हमला, पांच लोगों पर मारपीट का आरोप; दरवाजा तोड़कर घुसे, जान से मारने की धमकी देने का दावा

धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के धरमपुरी थाना क्षेत्र के बजारी गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विवाद के बाद एक परिवार के साथ मारपीट और घर में घुसकर तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता उदेसिंह सोलंकी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में पांच लोगों पर मारपीट करने, घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने और जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना 26 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे की बताई गई है।

शिकायत के मुताबिक, उदेसिंह सोलंकी उम्र 55 वर्ष, निवासी बजारी, खेती-किसानी का काम करते हैं। घटना के समय वह अपने बेटे कमल और बेटे के दोस्त सुरेश के साथ घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव का करण पिता फाटु वहां पहुंचा और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की बात को लेकर विवाद करने लगा। आरोप है कि करण ने उदेसिंह के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

बेटे के सिर पर लकड़ी से हमला करने का आरोप

रिपोर्ट में उदेसिंह ने बताया कि गाली देने से मना करने पर करण ने लकड़ी से उनके बेटे कमल पर हमला कर दिया। लकड़ी सिर में लगने से कमल घायल हो गया। बीच-बचाव करने के दौरान रोहित पिता गोरेलाल और विकास पिता रणवीर भी वहां पहुंच गए।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि रोहित ने लकड़ी से उसके सिर के सामने की तरफ वार किया, जबकि विकास ने लकड़ी से उसके दाहिने हाथ की कोहनी पर हमला किया। इसके बाद दिनेश पिता मडिया मौके पर आया और कमल के दोस्त सुरेश के सिर के दाहिने हिस्से में लकड़ी से वार कर दिया।

घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने का आरोप

शिकायत में आगे बताया गया कि इसके बाद रुखड़िया पिता बालू भी मौके पर आया और उदेसिंह के दाहिने पैर की जांघ पर लकड़ी से हमला किया। परिवार के लोगों ने खुद को बचाने के लिए घर का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने दरवाजा तोड़ दिया और घर के अंदर घुसकर नुकसान किया।

शोर-शराबा होने पर सभी लोग वहां से जाने लगे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जाते समय आरोपियों ने धमकी दी कि इस बार तो बच गए, लेकिन आगे जान से खत्म कर देंगे।

अस्पताल में इलाज के बाद थाने पहुंचा परिवार

घटना के बाद घायल लोगों ने निजी वाहन से सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराया। इलाज कराने के बाद उदेसिंह अपने बेटे कमल और सुरेश के साथ थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की।

पुलिस दस्तावेज के अनुसार मामले की जांच के लिए मान सिंह मोरे, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक को जांच अधिकारी बनाया गया है। शिकायत में करण, रोहित, विकास, दिनेश और रुखड़िया के नाम सामने आए हैं। घटना के पीछे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर हुआ विवाद बताया गया है।

फिलहाल मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।