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कंपनी बंद होने के बाद बेरोजगारी भत्ते के लिए भटक रहा श्रमिक, सरोज कुमार का दावा- अप्रूवल के बाद भी नहीं मिला भुगतान; ₹20 हजार मांगने का आरोप

पटना। बिहार कंपनी बंद होने के बाद रोजगार गंवाने वाले श्रमिक सरोज कुमार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से बेरोजगारी भत्ते और नियमानुसार मिलने वाली आर्थिक सहायता का भुगतान कराने की मांग की है। सरोज कुमार का कहना है कि उन्होंने ESIC के तहत योगदान किया था और कंपनी बंद होने के बाद बेरोजगार हो गए। उनका दावा है कि बेरोजगारी भत्ते से संबंधित प्रक्रिया में उनका अप्रूवल हो चुका है, इसके बावजूद उन्हें अब तक भुगतान नहीं किया जा रहा है।

सरोज कुमार के अनुसार वह अवधेश राय एंड एंटरप्राइजेज के माध्यम से ठेका श्रमिक के रूप में बिहार कोका-कोला कंपनी में काम करते थे। उपलब्ध दस्तावेज में अवधेश राय एंड एंटरप्राइजेज, शक्ति नगर, कुर्जी बालूपर रोड नंबर-05, पटना का पता दर्ज है। एजेंसी की ओर से कर्मचारी राज्य बीमा निगम को भेजे गए पत्र में काम नहीं रहने के कारण कुछ कामगारों की छंटनी किए जाने और राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता दिलाने का अनुरोध किया गया था।

दस्तावेजों में कर्मचारी राज्य बीमा निगम का ESI Code No. 42000116520001009 दर्ज है। संबंधित सूची में कई कामगारों के नाम और उनके ESIC नंबर दर्ज हैं। इसी सूची में सरोज कुमार का नाम भी दर्ज है। उनके सामने ESIC नंबर 4201439239 अंकित है। दस्तावेज में उनकी अंतिम कार्य तिथि 10 जनवरी 2020 दर्ज दिखाई गई है, जबकि अन्य कई कामगारों की अंतिम कार्य तिथि 12 फरवरी 2020 दर्ज है।

अवधेश राय एंड एंटरप्राइजेज की ओर से 20 अक्टूबर 2020 को ESIC शाखा कार्यालय को भेजे गए पत्र में बेरोजगार किए गए कामगारों के लिए राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता भुगतान करने का अनुरोध किया गया था। पत्र के साथ कामगारों के भरे हुए फॉर्म, बैंक पासबुक की प्रति, आधार कार्ड, IP पहचान पत्र और सर्विस सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज संलग्न किए जाने का उल्लेख है।

सरोज कुमार का कहना है कि उन्होंने भी बेरोजगारी भत्ते से संबंधित आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं। उनका दावा है कि उनकी फाइल या आवेदन को मंजूरी मिल चुकी है और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राशि नहीं मिल रही है। रोजगार समाप्त होने के बाद आय का नियमित स्रोत नहीं होने के कारण परिवार चलाने में परेशानी होने की बात भी उन्होंने कही है।

श्रमिक ने एक व्यक्ति पवन से बातचीत का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया है कि उसे फोन कर कथित तौर पर 20 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। सरोज कुमार के अनुसार उनसे कहा गया कि यदि वे 20 हजार रुपये देंगे तो उनका पैसा दिलाने के हिसाब से काम किया जाएगा। हालांकि इस कथित मांग की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

सरोज कुमार द्वारा उपलब्ध कराए गए संपर्क विवरण में ESIC पंचदीप भवन, पटना कार्यालय के लिए 8292496302 और 6122521928 नंबर दिए गए हैं। वहीं 90977872750 नंबर पवन के नाम से बताया गया है। श्रमिक का कहना है कि उसने अपनी समस्या को संबंधित स्तर पर रखने का प्रयास किया, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं मिला है।

अब सरोज कुमार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अधिकारियों से मांग की है कि उनके ESIC रिकॉर्ड, जमा किए गए दस्तावेज और पात्रता की जांच कर बेरोजगारी भत्ते के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि वह योजना के लिए पात्र हैं और उनका आवेदन स्वीकृत हो चुका है तो नियमानुसार लंबित राशि का भुगतान कराया जाए। साथ ही, ₹20 हजार मांगने के संबंध में लगाए गए आरोपों की भी आवश्यकता पड़ने पर जांच की जाए।

यह मामला उन दस्तावेजों और श्रमिक के बयान पर आधारित है जो उपलब्ध कराए गए हैं। बेरोजगारी भत्ते की स्वीकृति, भुगतान की वास्तविक स्थिति और कथित ₹20 हजार की मांग के संबंध में ESIC या संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।