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HomeNews14 वर्षीय नाबालिग बेटी लापता, युवक पर बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप

14 वर्षीय नाबालिग बेटी लापता, युवक पर बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप

गोरखपुर। झंगहा थाना क्षेत्र के मीठावेल गांव में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी के पिता राम समुझ ने आरोप लगाया है कि गांव का ही दीन दयाल पुत्र बहादुर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया। परिजनों के मुताबिक किशोरी 4 सितंबर की रात करीब डेढ़ बजे घर से लापता हुई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।

राम समुझ का कहना है कि बेटी की तलाश के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि दीन दयाल उसे अपने साथ ले गया है। इसके बाद परिजन दीन दयाल के घर पहुंचे और किशोरी के बारे में जानकारी मांगी। आरोप है कि वहां मौजूद बब्बी और अंगद पुत्रगण बहादुर, बिन्दू पत्नी बहादुर, सितारा पत्नी अंगद, जूली पुत्र राजू और जोलमा पुत्री राजू ने उनके साथ गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें दौड़ा लिया।

घटना की सूचना परिजनों ने झंगहा थाने में दी। पिता के मुताबिक मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद नई बाजार चौकी की पुलिस बहादुर को उसके घर से पकड़कर चौकी ले गई और दिनभर बैठाने के बाद शाम को छोड़ दिया। इसके बाद भी किशोरी की बरामदगी नहीं होने पर राम समुझ ने 8 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।

पिता का आरोप है कि अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद अभी तक न तो उनकी बेटी बरामद हुई है और न ही आरोपी दीन दयाल की गिरफ्तारी हुई है। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। राम समुझ ने आशंका जताई है कि आरोपी उनकी बेटी को कहीं दूर ले जाकर बेच सकता है या उसके साथ कोई अनहोनी कर सकता है।

मजदूरी कर परिवार चलाने वाले राम समुझ ने डीआईजी गोरखपुर जोन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि नाबालिग किशोरी को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए और मामले में नामजद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मामले में थाना झंगहा में अपराध संख्या 516/2026 के तहत धारा 137(2), 352, 351(3) और 131 बीएनएस में मुकदमा दर्ज होने की बात प्रार्थना पत्र में कही गई है। यह पूरा मामला पीड़ित पिता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस की जांच और किशोरी की बरामदगी के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।