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17 साल के युवक को रास्ते में घेरकर पीटने का आरोप, अस्पताल में चल रहा इलाज

भागलपुर के रंगरा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय युवक के साथ रास्ते में घेरकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता शिवम कुमार, निवासी भवानीपुर गांव, का आरोप है कि उसके छोटे भाई सत्यम कुमार को गांव के ही कुछ लोगों ने उस समय घेर लिया, जब वह 8 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे जा रहा था। मारपीट में सत्यम के घायल होने की बात कही गई है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक सत्यम कुमार, उम्र 17 वर्ष, कृष्णदेव यादव का पुत्र है। गांव की ही रहने वाली रूपम कुमारी नाम की एक लड़की से सत्यम की बातचीत होती थी। बताया गया है कि लड़की के पिता अजय यादव को जब इस बात की जानकारी हुई तो वह सत्यम के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से बातचीत कर दोनों को आपस में बात नहीं करने की बात कही।

शिवम का कहना है कि अजय यादव के समझाने के बाद सत्यम ने लड़की से बातचीत बंद कर दी थी। कुछ दिन बाद रूपम कुमारी ने कथित तौर पर सत्यम को फोन कर पूछा कि वह उससे बात क्यों नहीं कर रहा है। सत्यम ने उसे बताया कि उसके पिता अजय यादव घर पर आए थे और परिवार वालों से बातचीत बंद करने के लिए कहकर गए हैं।

आरोप है कि इसी घटनाक्रम के बाद 8 सितंबर की सुबह सत्यम किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में अजय यादव के पुत्र पीयूष, मन्नू कुमार, सीता और विजय यादव समेत कुछ लोगों ने उसे कथित तौर पर घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सत्यम को लाठी-डंडों और अन्य साधनों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों को जानकारी मिलने के बाद घायल सत्यम को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार फिलहाल उसका इलाज अभिमंडल अस्पताल में चल रहा है। परिवार का दावा है कि घटना से संबंधित फोटो और वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं।

शिकायतकर्ता शिवम कुमार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मारपीट के पीछे लड़की से बातचीत का विवाद मुख्य वजह बताया जा रहा है। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस द्वारा शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। परिवार का कहना है कि नाबालिग सत्यम के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।