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इंदौर में जन्माष्टमी पर मंदिर के बाहर डिस्प्ले बोर्ड पर चलीं उर्दू की लाइनें, हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई तो पुलिस ने दी सफाई

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मंदिर के बाहर डिस्प्ले बोर्ड पर उर्दू की लाइनें चलीं तो हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। हालांकि इस मामले पर पुलिस का बयान भी सामने आ गया है।
इंदौर: इंदौर के बांके बिहारी मंदिर के बाहर जन्माष्टमी के दिन लगे डिस्प्ले बोर्ड पर उर्दू में कुछ लाइनें चलने का मामला सामने आया है। डिस्प्ले बोर्ड पर उर्दू में लिखे शब्द देखकर कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुलिस ने दी सफाई
मामले में पुलिस का कहना है कि डिस्प्ले बोर्ड संचालक से लापरवाही के चलते कुछ देर के लिए स्क्रीन पर फ्लैश हो गई थी। ADCP राजेश दंडोतिया के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि स्क्रीन पर दिखाई गई ऊर्दू के शब्द कुरान की कुछ आयतें थीं, जिन्हें एक पेन ड्राइव में अलग-अलग धार्मिक आयोजनों के लिए रखा गया था।

पुलिस के अनुसार, डिस्प्ले बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति ने गलती सामने आने के बाद उसे तुरंत सुधार लिया था। पुलिस का यह भी कहना है कि स्क्रीन पर कोई धर्म विरोधी नारा या आपत्तिजनक स्लोगन नहीं चलाया गया था।

हालांकि, जन्माष्टमी के दिन मंदिर के बाहर ‘राधे-राधे’, ‘नंद के आनंद भयो’, ‘जय कन्हैया लाल की’ जैसे धार्मिक संदेशों की जगह उर्दू की लाइनें स्क्रीन पर कैसे चलीं, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई
मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है। संगठनों का कहना है कि जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि डिस्प्ले बोर्ड किसने लगवाया था, इसे संचालित कौन कर रहा था और पेन ड्राइव में अलग-अलग धार्मिक आयोजनों की सामग्री किस तरह रखी गई थी।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला लापरवाही का नजर आ रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। अब बड़ा सवाल यही है कि जन्माष्टमी के दिन मंदिर के बाहर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर धार्मिक संदेशों की जगह उर्दू की आयतें आखिर कैसे फ्लैश हुईं?

गौरतलब है कि 4 सितंबर की शाम से ही देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम थी। रात के लिए सभी मंदिरों में खास इंतजाम किए गए थे और सभी भक्त, भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन थे। हाल ही में नेपाल बाढ़ में फंसे और 9 दिन बाद सुरंग से निकले शख्स ने आपबीती बताई थी कि वह इस दौरान ‘हरे कृष्ण का जाप करता रहा, जन्माष्टमी के दिन जान बच गई।