नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र की रहने वाली अनीता देवी ने अपनी भजन मंडली को भुगतान नहीं मिलने को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अनीता देवी के मुताबिक वह पिछले करीब दो वर्षों से सकाम संगठन नाम की भजन मंडली से जुड़ी हुई हैं। इस मंडली में कुल करीब 25 महिलाएं शामिल हैं, जो धार्मिक कार्यक्रमों में मिलकर भजन-कीर्तन करती हैं।
अनीता देवी का कहना है कि मंडली की महिलाएं नियमित रूप से सोमवार और मंगलवार को भजन करती हैं। उनके अनुसार संगठन से जुड़ी अन्य भजन मंडलियों को भुगतान की राशि मिल चुकी है, लेकिन उनकी मंडली को अभी तक पैसा नहीं दिया गया है। भुगतान नहीं मिलने के कारण मंडली की महिलाओं में नाराजगी है।
दो साल से मंडली से जुड़ी हैं अनीता देवी
अनीता देवी ने बताया कि वह करीब दो वर्षों से सकाम संगठन से जुड़कर भजन मंडली में अपनी सेवाएं दे रही हैं। मंडली में शामिल महिलाएं धार्मिक आयोजनों में एक साथ भाग लेती हैं और सोमवार तथा मंगलवार को भजन-कीर्तन करती हैं।
उनका कहना है कि महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी लगातार निभाई, लेकिन इसके बदले मिलने वाली राशि को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
अन्य मंडलियों को पैसा मिलने का दावा
अनीता देवी का आरोप है कि संगठन से जुड़ी अन्य भजन मंडलियों को उनके कार्यक्रमों का पैसा दिया जा चुका है, लेकिन उनकी मंडली को भुगतान नहीं किया गया। उनका कहना है कि जब बाकी मंडलियों को भुगतान मिल सकता है तो उनकी मंडली की महिलाओं को राशि से वंचित क्यों रखा जा रहा है।
महिला के मुताबिक मंडली में करीब 25 महिलाएं हैं और सभी अपने स्तर पर समय निकालकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होती हैं। ऐसे में भुगतान नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं की मांग, भुगतान की स्थिति स्पष्ट हो
अनीता देवी चाहती हैं कि उनकी भजन मंडली को मिलने वाली राशि के संबंध में संगठन की ओर से स्पष्ट जानकारी दी जाए। उनका कहना है कि यदि भुगतान स्वीकृत है तो मंडली की महिलाओं को उनका पैसा जल्द दिया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित जिम्मेदार लोगों और प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा भुगतान में देरी की वजह स्पष्ट कराने की मांग की है। अनीता देवी का कहना है कि महिलाओं ने लगातार भजन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, इसलिए उनके मेहनत और समय का उचित भुगतान मिलना चाहिए।
फिलहाल अनीता देवी द्वारा लगाए गए भुगतान संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सकाम संगठन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संगठन का पक्ष सामने आने के बाद ही भुगतान से जुड़े पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


