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सागर में ऑटो चालक के घर से बरामद हुआ नोटों का पहाड़, कैश गिनते गिनते थकी पुलिस, जांच शुरू हुई

मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक ऑटो चालक के घर से तीन करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इतना कैश कहां से आया, पुलिस जांच कर रही है।
सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में ऑटो चालक के घर से तीन करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि मिलने के मामले में अब लोकायुक्त ने जांच अपने हाथ में ले ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है। लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर ने बताया कि जांच के दौरान जिस पीडब्ल्यूडी इंजीनियर रमेश अहिरवार का नाम सामने आया है, उसकी संपत्ति और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस द्वारा जब्त की गई करोड़ों रुपये की नकद राशि को भी जल्द ही लोकायुक्त की टीम अपने कब्जे में लेगी।
गौरतलब है कि बीते 16 अगस्त को गोपालगंज थाना पुलिस ने ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के घर पर कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक नकद राशि बरामद की थी। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद से ही इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे। जांच एजेंसियों की कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। अब लोकायुक्त द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद मामले में नए खुलासे होने की संभावना बढ़ गई है। जांच दल नकदी के स्रोत, रकम के वास्तविक मालिक और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

आखिर किसका है इतना सारा पैसा
ऑटो चालक के मकान से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामदगी का मामला लगातार उलझता जा रहा है। जब्ती के दो दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी आयकर या वित्तीय जांच एजेंसी की टीम सागर नहीं पहुंची, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में सस्पेंस गहरा गया है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बाद अब मुख्य सवाल यह है कि आखिर करोड़ों की यह बेनामी रकम किसकी है और इसे किस उद्देश्य से सागर में रखा गया था? सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि संबंधित जांच एजेंसी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है।