तालाब में रिसाव को लेकर इंजीनियर साहब और माननीय के बीच बहस हुई। इस दौरान विधायक जी ने भी अपनी डिग्रियां गिना दी। विधायक जी ने कहा मैंने भी विदेश से पीएचडी की डिग्री ली है।
मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले के मुकुन्दपुर क्षेत्र से विधायक और इंजीनियर के बीच बहस का एक वीडियो देखकर हर कोई हैरान रह गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पूर्व मंत्री और विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह जल संसाधन विभाग के इंजीनियर से तालाब को बचाने के लिए प्लान ऑफ एक्शन की जानकारी मांगते नजर आ रहे हैं। लेकिन इंजीनियर की ओर से पॉजिटिव रिस्पॉंस नहीं मिलने पर वे नाराज हो गए। विधायक जी ने इंजीनियर को अपनी डिग्री गिना डाली।
गोविंदगढ़ तालाब में रिसाव का जायजा लेने पहुंचे थे विधायक
दरअसल, गोविंदगढ़ तालाब में रिसाव से लोगों की चिंताएं बढ़ गई थीं। जैसे ही विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह को सूचना मिली वे मौके का मुआयना करने पहुंच गए। मौके पर जब उन्होंने जल संसाधन विभाग के इंजीनियर से लाइन ऑफ एक्शन की जानकारी चाही तो उसने शेयर नहीं किया। इसी बात पर विधायक जी बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि मैं भी इंजीनियर हूं। विदेश में भी पढ़ा हूं। मैंने पीएचडी की डिग्री ली है। और आप हैं कि लाइन ऑफ एक्शन बता नहीं रहे हैं।
इंजीनियर से लाइन ऑफ एक्शन शेयर करने के लिए कहा
विधायक जी यह जानना चाहते थे कि मौजूदा स्थिति में जलसंसाधन विभाग के पास हालात से निपटने के लिए क्या योजना है। आगे किस तरह के कदम उठाए जाने चाहिए ताकि रिसाव को रोका जा सके या फिर आबादी और फसल को इससे सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन शायद इंजीनियर साहब को यही बात समझ में नहीं आ रही थी। तब जाकर विधायक जी को कहना पड़ा कि मैं भी इंजीनियर हूं। विदेश से पीएचडी किया किया है। इसलिए हो सकता है कि इस कार्य में मैं आपकी मदद कर सकता हूं।
आप कुछ भी शेयर करने के लिए तैयार नहीं-विधायक
विधायक जी ने खुलकर कहा कि अगर कुछ मदद चाहिए तो मैं भी बतौर इंजीनियर सलाह दे सकता हूं। लेकिन आप कुछ भी शेयर करने के लिए तैयार नहीं हैं। यहां ढाई लाख मतदाता हैं और मैं बतौर प्रतिनिधि आपसे यह सवाल कर रहा हूं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग विधायक की सराहना करते हैं नहीं थक रहे हैं।
बता दें कि इंदौर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई आदर्श सड़क की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ा गणपति से कृष्णपुरा छत्री तक बनाई गई इस सड़क पर पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान गोराकुंड चौराहे पर सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।


