Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन से लाखों का फर्जी कारोबार, पीड़ित के नाम पर 2.86 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर ठगी, एफआईआर दर्ज न होने...

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बलिया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति के नाम और दस्तावेजों का...
HomeNewsफर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन से लाखों का फर्जी कारोबार, पीड़ित के नाम...

फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन से लाखों का फर्जी कारोबार, पीड़ित के नाम पर 2.86 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर ठगी, एफआईआर दर्ज न होने से मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बलिया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति के नाम और दस्तावेजों का कथित दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार दिखाए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि उसके आधार कार्ड और पैन कार्ड का गलत तरीके से इस्तेमाल कर उसके नाम पर जीएसटी पंजीकरण कराया गया और लगभग 2 करोड़ 86 लाख 68 हजार 324 रुपये का टर्नओवर दर्शा दिया गया। इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब आयकर विभाग की ओर से उसे नोटिस प्राप्त हुआ। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बावजूद थाना सिगरा और कैंट पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके बाद उसने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार अमरजीत पुत्र हरिकृष्ण, मूल निवासी ग्राम मोतिरा, पोस्ट नागपुर, थाना रसड़ा, जिला बलिया तथा वर्तमान में सोनिया पोखरा, थाना सिगरा, कमिश्नरेट वाराणसी में रहते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कोई व्यवसाय नहीं किया और न ही किसी प्रकार का जीएसटी पंजीकरण कराया। इसके बावजूद अज्ञात लोगों ने उनके आधार और पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम से जीएसटीआईएन जारी करा लिया और करोड़ों रुपये का कारोबार दर्शा दिया।

पीड़ित के अनुसार आयकर अधिकारी वार्ड 2(4) बलिया की ओर से नोटिस मिलने के बाद उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी हुई। नोटिस देखकर वह हैरान रह गए क्योंकि उन्होंने कभी इतना बड़ा लेनदेन नहीं किया। उनका कहना है कि यह पूरी तरह संगठित धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी कारोबारी गतिविधियां दर्ज कर दी गईं।

अमरजीत का आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत थाना सिगरा और कैंट पुलिस से की, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में उन्होंने दिल्ली के अशोक विहार नॉर्थ वेस्ट क्षेत्र स्थित एक पते पर रहने वाले व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किसने किया और उनके नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार किस उद्देश्य से दिखाया गया।

यह मामला पहचान संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी की गंभीर आशंका को भी उजागर करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल आर्थिक अपराध बल्कि सरकारी अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ का मामला भी हो सकता है।