Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
HomeLifestyleEntertainment'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में वैष्णवी देगी तुलसी को...

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में वैष्णवी देगी तुलसी को धोखा, तृप्ति से मिलाएगी हाथ

क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2′ के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि गौतम और करण के बाद अब वैष्णवी तुलसी के खिलाफ खड़ी होगी। वैष्णवी शांतिनिकेतन की सबसे बड़ी दुश्मन तृप्ति से हाथ मिलाएगी।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ इन दिनों अपनी कहानी और किरदार की वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। वहीं तुलसी की जिंदगी में पुराने विलेन तृप्ति की एंट्री होने के बाद कहानी में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जो दर्शकों को सीरियल से बंधे रखे हुए है। अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि कैसे वैष्णवी अपनी सबसे बड़ी शुभचिंतक तुलसी को धोखा दोती है। वह तृप्ति के साथ मिलकर शांतिनिकेतन को बर्बाद करने का प्लान बनाते नजर आएगी। हालांकि, आने वाले एपिसोड में मिहिर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा भी होने वाला है, जिसे गौतम और करण ने अब तक छुपा कर रखा था।
तुलसी के परिवार को बर्बाद करेगी तृप्ति
स्टार प्लस के शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में चौंकाने वाले मोड़ आ रहे हैं, क्योंकि तुलसी का सामना विरानी परिवार की सबसे बड़ी दुश्मन तृप्ति से होता है। विरानियों को बर्बाद करने के लिए वापस आई तृप्ति अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए करण और उसकी बेटी समायरा का इस्तेमाल करती है। समायरा, तृप्ति के सौतेले बेटे सिड से प्यार करती है। सिड भी समायरा से बहुत प्यार करता है, जिससे तृप्ति को शांति निकेतन में दोबारा घुसने का सही मौका मिल जाता है। ऐसा लगता है कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है। जैसे कभी दामिनी ने तृप्ति का साथ देकर तुलसी को धोखा दिया था। वैसे ही अब उसकी बहू भी ऐसा ही कर सकती है।

बर्बाद की वजह बनेगा तुलसी का बेटा करण
तृप्ति खुशी-खुशी सिड और समायरा के रिश्ते को मंजूरी दे देती है। कहानी में नया मोड़ तब आता है, जब करण भी उसके साथ बिजनेस करने के लिए राजी हो जाता है। हालांकि, करण को समायरा की शादी तृप्ति के परिवार में करने को लेकर हिचकिचाहट होती है, लेकिन तृप्ति उसे तुलसी के खिलाफ भड़काती है और उसे इस रिश्ते के लिए राजी कर लेती है। कहानी में आगे देखने को मिलता है कि तुलसी बुरी तरह टूट जाती है, जब वह देखती है कि करण तृप्ति का साथ दे रहा है। तुलसी को दुख होता है कि वह उसका भरोसा तोड़ रहा है और खुद ही घर को बर्बाद करने वाला बन रहा है।

वैष्णवी बनी तुलसी की दुश्मन
पुरानी दुश्मनी तो चल ही रही है, लेकिन अब ध्यान नई पीढ़ी पर है। मेकर्स ने कहानी में नया तड़का लगाया है। विरानी परिवार के साथ तृप्ति के बुरे अतीत के बारे में जानने के बाद भी वैष्णवी को शोभा की चेतावनियों पर यकीन नहीं होता। हैरानी की बात यह है कि नियति पहले से ही तृप्ति का साथ देने को तैयार है, क्योंकि उसे घर में अकेलापन महसूस होता है और वह तुलसी से नाराज है। चौंकाने वाला मोड़ तब आता है, जब वैष्णवी भी तृप्ति का साथ देती हुई नजर आती है।